
तहसील दिवस
आजमगढ़. यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अधिकारी कर्मचारियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। खासतौर पर तहसील दिवस और समाधान दिवस पर कर्मचारी रूचि नहीं ले रहे हैं। इसका जीता जागता प्रमाण आज सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस है। यहां डीएम की उपस्थिति में 162 लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया लेकिन मौके पर मात्र 9 मामलों का निस्तारण हो पाया। बाकी मामले संबंधित विभागों को सौंप दिये गये। अहम बात है कि आज भी सबसे अधिक ममाले राजस्व विभाग के ही रहे।
फरियादियों द्वारा दिये गये 162 प्रार्थना पत्रों पर गौर करे तो इसमें अकेल 126 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। वहीं 14 मामले पुलिस विभाग, 4 विकास विभागे, 1 समाज कल्याण, 2 शिक्षा तथा 15 अन्य विभागों से संबंधति रहे। जिलाधिकारी ने चन्द्र भूषण सिंह ने कहा कि जन समस्यओं के प्रति संवेदनशील होकर उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की प्राथमिकता है और इसकी निरन्तर शासन स्तर पर मानिटरिंग की जाती है।
उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर तथा सीओ सदर को निर्देशित करते हुए कहा कि जो टीमें बनी है उससे दो-चार गांवों में जाकर शिकायतो को निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। पुलिस तथा राजस्व के मामलों को एकत्रित करते हुए स्वंय राजस्व एवं पुलिस के अधिकारियों से समन्वय बना कर उसका निस्तारण करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस के मामलों के तथा जन सूनवाई के मामलों को सूचीबद्ध करते हुए समयबद्ध गुणवत्तायुक्त निस्तारण के निर्देश देते हुए अधिकारियां से कहा कि प्राप्त मामलों के शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर स्थिति को जानने के बाद करें। यदि शिकायत कर्ता निस्तारण से सन्तुष्ट नही है तो दोबारा निस्तारण की कार्यवाही करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी, एसपीआरए एनपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एसके तिवारी, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर प्रशान्त कुमार भारती, सीओ सिटी सचिद्दानन्द, तहसीलदार न्यायिक वीपी सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
by Ran Vijay singh
Published on:
02 Jan 2018 08:31 pm
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