
प्रतीकात्मक फोटो
यूपी बोर्ड परीक्षा में अब अवकाश के लिए अब बहाने नहीं चलेंगे। पहले ड्यूटी से बचने के लिए कुछ शिक्षक, कर्मचारी और केंद्र व्यवस्थापक बीमारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर देते थे। इसके बाद वे चिकित्सकीय अवकाश पर चले जाते हैं।
इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षा पर पड़ता है। केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में भी कठिनाई उत्पन्न होती है। अब शिक्षकों और कर्मचारियों का यह खेल नहीं चलेगा। इसके लिए माध्यममिक शिक्षा परिषद ने नई गाइडलाइन जारी की है।
सीएमओ जारी करेंगे स्वीकृति प्रमाण पत्र
यूपी बोर्ड परीक्षा में शिक्षक कर्मचारियों को अवकाश के लिए नए नियमों का पालन करना होगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब शिक्षक और केंद्र व्यवस्थापक मेडिकल के लिए आवेदन करेंगे तो उनका परीक्षण कराया जाएगा। सीएमओ की संस्तुति और प्रमाणपत्र के आधार पर ही अवकाश की स्वीकृति मिलेगी।
क्या कहते हैं जिला विद्यालय निरीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षकों के चिकित्सीय अवकाश स्वीकृत करने से पूर्व सीएमओ से संस्तुति कराने के निर्देश दिए हैं। अब बिना सीएमओ की संस्तुति के अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जारी गाइडलाइन से शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है।
अगर कोई शिक्षक अथवा केंद्र व्यवस्थापक नियम की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नया नियम परीक्षा को आसान बनाएगा। कारण कि किसी को अनाव्यस्यक अवकाश नहीं मिलेगा। सभी ड्यूटी करेंगे तो परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक और केंद्र व्यवस्थापक की कमी का सामना नहीं करना होगा।
Published on:
25 Dec 2022 03:00 pm
बड़ी खबरें
View Allआजमगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
