
बड़वानी. प्रदेश का निमाड़ क्षेत्र अवैध हथियारों की मंडी बन गया है। तस्कर पहले वाट्सऐप पर बीडियो कॉल करके सौदा करते हैं, फिर उनके गुर्गे यहां हथियारों की डिलीवरी लेने आते हैं। सेंधवा के उमर्टी में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के तस्कर पहुंच रहे हैं।
इस गोरखधंधे का खुलासा गुरुवार को पुलिस की गिरफ्त में आए हरियाणा के हथियार तस्करों ने किया है आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उमर्टी में बने हथियारों की फिनीशिंग और मारक क्षमता अच्छी है। साथ ही कीमत भी कम है, इसलिए इनकी मांग ज्यादा है।
थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा ने बताया कि तस्करी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते छह महीने में पुलिस ने आरोपियों से 37 अवैध पिस्टल बरामद की हैं। हथियार तस्करों और सिकलीगरों का नेटवर्क बढ़ा है।
मध्य प्रदेश का खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर और धार जिला अवैध हथियारों की मंडी बन गए हैं। यहां बने अवैध हथियार, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में भेजे जा रहे हैं। हाल ही में खरगोन जिले के दो तस्कर अवैध हथियारों की खेप के साथ मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। आरोपियों के पास से बरामद हथियार देखकर पुलिस भी दंग रह गई जबकि ये घर की फैक्ट्री और हाथ भट्ट में बने हैं।
मुंबई पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि तस्कर पुलिस से बचने के लिए झोले में अवैध पिस्टल और कट्टे बनाने का सामान लेकर चलते हैं। मौका मिलते ही हाथों-हाथ हथियार बना देते हैं। इन्होंने दुर्गम इलाकों में छोटी फैक्ट्री बना रखी हैं। मुंबई पुलिस ने कहा कि एमपी बने अवैध हथियार फिनिशिंग में बेहतर और मारक हैं। यह चिंता का विषय है।
Published on:
04 Sept 2021 10:03 am
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