1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिजासन माता मंदिर संचालन के लिए ट्रस्ट गठित

एसडीएम तहसीलदार सहित 8 विभागों के अधिकारी करेंगे मंदिर की गतिविधियों की निगरानी

2 min read
Google source verification
बिजासन माता मंदिर संचालन के लिए ट्रस्ट गठित

बिजासन माता मंदिर संचालन के लिए ट्रस्ट गठित

सेंधवा. मप्र और महाराष्ट्र के लोगों की श्रद्धा का केंद्र बड़ी बिजासन माता मंदिर का संचालन अब कलेक्टर व एसडीएम स्तर के अधिकारियों की निगरानी में होगा। पिछले दिनों जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे के बाद ट्रस्ट का निर्माण किया गया है। निगरानी के लिए अधिकारी नजर रखेंगे और किस तरह माता मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाएं सुचारु हो, ये निर्णय लिया जाएगा।

कलेक्टर रहेंगे ट्रस्ट के अध्यक्ष
सेंधवा स्थित बड़ी बिजासन माता मंदिर का संचालन और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाना तय हुआ है। इस निर्णय को लेकर पिछले दिनों आदेश तहसीलदार निवाली ने जारी किया। ट्रस्ट का नाम मां बड़ी बिजासन व परमार्थिक ट्रस्ट रखा गया है। अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। माता मंदिर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष एसडीएम पानसेमल और सचिव निवाली तहसीलदार होंगे। बैठक में मंदिर संचालन की कार्ययोजना को लेकर चर्चा की गई।

प्राप्त होने वाले दान का रखें रिकॉर्ड
मंदिर को प्राप्त होने वाले दान का रिकॉर्ड रखा जाए। दान पेटी खोलने के समय हर महीने के पहले रविवार को निर्धारित किया जाए। दान पेटी खोलते समय प्रशासन के प्रतिनिधि के रुप में तहसीलदार उपस्थित रहेंगे। सभी तरह के भुगतान चेक से होगा। पुजारियों का वेतन अधिकतम 11 हजार रुपए तक किया जाए। कोषाध्यक्ष प्रतिमाह पांच तारीख तक लेखा-जोखा ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगा। ट्रस्टी की बैठक हर तीन माह में होगी।
इस तरह होगी संचालन की गाइड
कलेक्टर जिला बड़वानी की अध्यक्षता में सभी ट्रस्टिगण के साथ 21 जनवरी 2022 को मां बड़ी बिजासन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट ए.बी. रोड विजासन घाट के सभा कक्ष ग्राम राई तहसील निवाली में एजेंडा अनुसार बैठक हुई थी।
इनको अस्थाई सदस्य बनाने की चर्चा हुई : इसके तहत सीताराम पिता बोन्दरसिंग निवासी कामोद (ध), राजेंद्र पिता प्रकाश चौधरी वरला, त्रिलोक मालवीया चाचरिया, जिरभान पिता गटु जाधव मालवन, संग्रामसीह सिसौदिया बाबदड़, लोकेश कोठारी बलवाड़ी के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि इन नामों पर स्वीकृति की जानकारी नहीं है। मंदिर प्रबंधन की समस्याओं में सदस्यों ने अवगत कराया कि कुछ समाज के लोगों द्वारा मंदिर को प्राप्त चढ़ावा रख लिया जाता है, जिसे बंद करें। इस के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाकर चढ़ावे का उचित रेकार्ड संधारित करें।