
बागपत. 8 नर्सों की फर्जी नियुक्ति के मामले को लेकर शासन गंभीर हो गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को पत्र भेजकर मातृ स्वास्थ्य योजना के तहत की गईनर्सों की भर्तियों की जांच कराने के लिए कहा है। बागपत में हुई 8 नर्सों की पोस्टिंग में सीएमओ की भूमिका भी शक के घेरे में आ गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, दिल्ली की एजंसी भी प्रशासन के निशाने पर है।
कॉन्स्टेबल भर्ती घोटाले के बाद बागपत से 8 नर्सों की फर्जी नियुक्ति मामले ने अब शासन स्तर तक हड़कम्प मचा दिया है। नेशनल हेल्थ मिशन प्रशासन ने सभी जिले में मातृ स्वास्थ्य योजना के तहत नर्सों की भर्तियों की जांच करने का फैसला लिया है। एनएचएम प्रशासन ने सभी डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और फर्जी नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी दिलाने के पीछे किसी बड़े रैकेट का हाथ होने की आशंका जताई है। एनएचएम की प्रदेश इकाई की महाप्रबंधक मानव संसाधन सुधा यादव ने एनएचएम ने इस स्ट्रेंजडी एलाइंस मैनेजमेंट (सेम्स) दिल्ली की एजेंसी को नर्सों की भर्ती करने का जिम्मा दे रखा है। इतना ही नहीं, बागपत में हुए इस फर्जी नियुक्ति को लेकर तत्कालीन सीएमओ सुषमा चंद्रा भी संदेह के घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि नियक्ति को लेकर उनको जानकारी थी, लेकिन उन्होंने भर्ती को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। उसको लेकर भी मुख्यालय से जांच कराई जा रही है।
Published on:
30 Nov 2019 07:46 pm
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