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शहीद स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब, भारत माता के जयघोष से गूंजा गांव

बागपत जिले के पैतृक गांव पुसार में सैनिक सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

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बागपत

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lokesh verma

May 22, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बागपत/मेरठ.
भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी (Squadron Leader Abhinav Chaudhary) का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह मेरठ की गंगा सागर कॉलोनी स्थित उनके घर लाया गया। इस दौरान शहीद अभिनव चौधरी के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम दर्शन के दौरान शहीद अभिनव के परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिता सत्येंद्र चौधरी, मां सत्य, बहन मुद्रिका के साथ पत्नी सोनिका का रो-रोकर बुरा हाल था। शहीद अभिनव के पार्थिव शरीर को सेना के जिस ट्रक में लाया गया था, उसी ट्रक में बागपत स्थित पैतृक गांव पुसार ले जाया गया।

शहीद अभिनव का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे उनके पैतृक गांव पुसार में पहुंचा तो वहां अंतिम दर्शन के लिए पुसार समेत आसपास के गांवों के लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। दूरदराज के गांवों से भी लोग अभिनव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। गांव के मार्ग पर ग्रामीण हाथों में तिरंगे लिए भारत माता की जय और अभिनव चौधरी अमर रहे के जयकारे लगाते रहे। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से गांव के श्मशान में सैनिक सम्मान के साथ अभिनव चौधरी का अंतिम संस्कार किया गया।

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बता दें कि पंजाब के मोगा जिले में मिग-21 क्रैश होने से मेरठ के रहने वाले बागपत के मूल निवासी स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी शहीद हो गए थे। उन्होंने विमान क्रैश होने के बाद भी खुद को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही अभिनव की शहादत की सूचना परिजनों को मिली तो हाहाकार मच गया। इसके जानकारी मिलते ही शुक्रवार देर रात तक सभी रिश्तेदार भी पहुंच चुके थे। शनिवार सुबह हिंडन एयरबेस से शहीद अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर गंगा सागर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचा। पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए सेना के ट्रक से उतारा गया तो परिजनों के साथ सभी आंखें नम हो गईं। माता-पिता के साथ पत्नी सोनिका और बहन मुद्रिका का रो-रोकर बुरा हाल था।

इसके करीब 30 मिनट बाद सेना और एयरफोर्स के अधिकारी शहीद अभिनव के पार्थिव शरीर को लेकर बागपत स्थित उनके पैतृक गांव पुसार के लिए रवाना हो गए। जैसे ही ग्रामीणों को शहीद अभिनव के पार्थिव शरीर के आने की सूचना मिली तो गांव के रास्ते में तिरंगे झंडों के साथ लोगों की कतार लग गई। गांव के मार्ग पर खड़े ग्रामीणों ने भारत माता की जय और अभिनव चौधरी अमर रहे के जयकारे लगाए। इसके बाद स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का दोपहर को उनके पैतृक गांव पुसार के श्मशान पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हर किसी की आंख नम थी। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने भारत माता की जय और शहीद अभिनव चौधरी अमर रहे का उद्घोष किया। इसके बाद ताऊ सूबे सिंह ने अपने लाडले की चिता को मुखाग्नि दी।

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