
बागपत। 34 साल पहले हुई हत्या की वारदात के मामले में एक शख्स को अवैध तरीके से हिरासत में रखने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुआ है। इस मामले में सीबीसीआईडी मेरठ (Meerut) की तरफ से सिंघावली अहीर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस (Police) ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
34 साल पहले हुई थी वारदात
दरअसल, हत्या की यह वारदात 34 साल पहले यानी साल 1986 में हुई थी। सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के पिलाना गांव में रहने वाले सरपंच सत्यप्रकाश शर्मा की गांव में ही रहने वाले तीन लोगों ने हत्या कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने गांव के ही रहने वाले हरिदत्त शर्मा व ओमदत्त शर्मा को गिरफ्तार किया था। 50-50 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस ने हत्या की वारदात का खुलासा कर दिया था।
यह कहा पुलिस अधिकारी ने
उस दौरान थाना सिंघावली पुलिस के तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों पर हत्या के दोनों आरोपियों के भाई विष्णु दत्त को अवैध तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगा था। इसको देखते हुए सीबीसीआईडी मेरठ की एडिशनल एसपी मोहिनी पाठक ने गुरुवार को सिंघावली अहीर थाने में केस दर्ज कराया है। सीबीसीआईडी की तरफ से तत्कालीन इंस्पेक्टर सतीश चंद्र, दरोगा जयपाल सिंह और सिपाही देवेश कसाना व सिपाही जहांगीर पंवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बागपत के अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार शिसौदिया का कहना है कि सीबीसीआईडी की तरफ से केस दर्ज कराया गया है। पुलिसकर्मियों पर युवक को अवैध हिरासत में रखने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।
Updated on:
07 Feb 2020 10:13 am
Published on:
07 Feb 2020 10:12 am
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