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एमजे सर की पुस्तक पढ़कर कानून में महारथ हासिल कर रहे छात्र और वकील

यूं तो कानून की बहुत सी किताबे कानून के जानकारों द्वारा लिखी जा चुकी हैं। लेकिन इनमें सबसे अधिक जो प्रचलित हैं वो हैं मन मोहन जोशी की किताबें।

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क़ानून के विभिन्न विषयों पर एमजे सर की लिखी पुस्तकें छात्रों और अधिवक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वैसे तो एम जे सर के नाम से विधि जगत में प्रसिद्ध मन मोहन जोशी किसी परिचय के मोहताज नहीं।

देश के किसी भी राज्य में किसी भी न्यायिक परीक्षा की तैयारी करने वाला विद्यार्थी एम के सर के नाम से परिचित हैं।

इन्होंने अब तक बीस से ज़्यादा किताबें लिखी हैं जो क़ानून के विद्यार्थियों और वकीलों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इनमें से कुछ किताबें हिन्दी भाषा में तो वहीं अधिकतम अंग्रेज़ी भाषा में लिखी गई हैं।

हाल ही में प्रकाशित the code of criminal procedure -1973 की भारत के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन भी प्रशंसा कर चुके हैं।

judgment writing नाम की पुस्तक का विमोचन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एसजी शाह द्वारा किया गया था और Indian Penal Code-1860 नाम की किताब तो पिछले दो वर्षों से अमेज़न बेस्टसेलर है।

एमजे की किताबों का क़ानून के छात्र बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और बाजार आते ही ये किताबें आउट ऑफ़ प्रिंट हो जाती हैं। ये किताबें amazon से लेकर फ़्लिपकार्ट के बेस्ट्सेलर चार्ट में जगह बनाए हुए हैं।

You tube, facebook और Instagram पर जोशी के लाखों फ़ॉलोवर्स हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही उनके द्वारा लिखी गई सभी किताबें हिन्दी में उपलब्ध होंगी।