
बागपत। जनपद में विकास कार्यों में घोटाले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, मलकपुर गांव में घोटाले के खिलाफ एक ग्रामीण को आवाज उठाना भारी पड़ गया। जिसके खिलाफ ग्राम विकास अधिकारी ने मारपीट की एफ आई आर दर्ज करा दी। जिसके बाद पुलिस उत्पीडऩ से परेशान पीडि़त व्यक्ति ने गांव के अन्य लोगों के साथ गांव पलायन करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकत्र होकर प्रशासन को पलायन की चेतावनी भी दे डाली है।
इस वजह से दी पलायन की चेतावनी, धरने पर बैठे ग्रामीण
आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति द्वारा गांव के विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा गया था। उसने आरटीआई लगाकर गांव में हुए विकास कार्यों का ब्योरा मांगा। जब ब्योरा नहीं मिला ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक कर दी। आरोप है कि इससे बौखलाए ग्राम विकास अधिकारी ने गांव के 9 लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद ग्रामीण भी सड़कों पर उतर आए और उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी बागपत से मामले की शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर न तो कोई जांच हुई और ना ही घोटाले पर कोई संज्ञान लिया गया। आरोप है कि पुलिस द्वारा आरटीआई मांगने वाले ग्रामीणों का उत्पीडऩ किया गया। उनके घर में तोडफ़ोड़ कर दी गई।
परेशान ग्रामीणों ने दी पलायन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है उन्होंने गांव में विकास कार्यों की शिकायत बागपत जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक की है, लेकिन योगी राज में भी इन शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसको लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गये है। उन्होंने बताया कि इस सबंध में प्रशासन से परेशान होकर गांव से 140 परिवारों ने पलायन की चेतावनी दी है। और 48 घंटे के अंदर गांव छोड़कर चले जाने के लिये कहा है। ग्रमीणों का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। इसी से परेशान होरक ग्रामीणों ने गांव छोडऩा का मन बना लिया है। साथ ही प्रशासन से मामले की निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।
Published on:
22 Oct 2019 07:35 pm
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