7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मैलानी-भीरा खीरी एवं नानपारा-रायबोझा के मध्य नई रेल लाइन को मिली मंजूरी, दिल्ली- पीलीभीत उत्तराखंड के लिए बनेगा नया वैकल्पिक मार्ग

Indian Railways: रेल मंत्रालय ने मैलानी भीरा खीरी एवं नानपारा- रायबोझा के मध्य नई रेल लाइन को मंजूरी मिल गई है। अब दुधवा राष्ट्रीय उद्यान‘ के बाहर से नई ब्रॉड गेज रेलवे लाइन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सर्वेक्षण को 3.58 करोड़ की लागत से मंजूरी दी गई है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बहराइच

•

image

Mahendra Tiwari

•

Updated: 17 Jul 2025, 8:07 PM IST

Indian Railways

ट्रेन की फोटो सोर्स पत्रिका

Indian Railways: अब केवल दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के भीतर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर से भी ट्रेनें गुजर सकेंगी। रेल यातायात को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रेलवे बोर्ड ने भीरा खीरी से रायबोझा के बीच नई रेल लाइन बिछाने की स्वीकृति दे दी है, जो दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के बाहरी क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इस परियोजना के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है।

Indian Railways: रेल मंत्रालय ने हिमालय की तराई में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए भीरा खीरी- रायबोझा (120 किमी.) के मध्य नई लाइन निर्माण तथा मैलानी-भीरा खीरी (16 किमी.) एवं नानपारा-रायबोझा (13 किमी.) के आमान परिवर्तन के लिये सर्वेक्षण (फाइनल लोकेशन सर्वे- एफ.एल.एस.) को स्वीकृति प्रदान की है। ताकि मैलानी से नानपारा के मध्य ब्रॉड गेज की सुविधा उपलब्ध हो सके। यह क्षेत्र देश के ब्रॉड गेज नेटवर्क से जुड़ कर विकास की मुख्य धारा में आ सके। उत्तर प्रदेश में बहराइच एवं खीरी जनपदों में अवस्थित मैलानी-नानपारा मीटर गेज लाइन के मैलानी-भीरा खीरी एवं नानपारा-रायबोझा खंडों का गेज परिवर्तन तथा भीरा खीरी एवं रायबोझा के मध्य ‘दुधवा राष्ट्रीय उद्यान‘ के बाहर से नई ब्रॉड गेज रेलवे लाइन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सर्वेक्षण को 3.58 करोड़ की लागत से मंजूरी दी गई है। फाइनल लोकेशन सर्वे के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) बनाने का कार्य किया जायेगा।

दिल्ली पीलीभीत उत्तराखंड जाने के लिए उपलब्ध होगा वैकल्पिक मार्ग

इस रेलवे लाइन के ब्रॉड गेज होने से दिल्ली सहित देश के पश्चिमी एवं उत्तरी भाग में जाने के साथ ही पूर्वी भारत से
पीलीभीत एवं उत्तराखंड जाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जायेगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। तथा यहाँ के वन्य एवं कृषि उत्पादों को विपणन के लिए देश के महानगरों में सीधी ट्रेन की सुविधा से भेजा जा सकेगा।