
अस्पताल की फोटो
Bahraich News: बहराइच जिले के शाहजोतपुर पुलिस लाइन के पीछे संचालित नन्दिनी हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद गर्भवती महिला की मौत के मामले में महिला डॉक्टर समेत तीन डॉक्टरों के खिलाफ सीएमओ की अनुशंसा पर मृतका के भाई ने केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद से ही अस्पताल में ताला लग गया है।
Bahraich News: श्रावस्ती जिले के गिलौला के कटार की रहने वाली मन्ना देवी को बीते 28 मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर नंदिनी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। मन्ना के भाई सूरज तिवारी का आरोप है कि हॉस्पिटल में तैनात डॉ. आरके सिंह, डॉ. डीके विश्वकर्मा व डॉ. प्रीती शर्मा ने मन्ना का सैंपल लिया और जांच के लिए भेजा। बिना जांच रिपोर्ट आए ही परिजनों से 25 हजार रुपये जमा करवाए गए। वहीं बिना अनुमति के परिजनोंं की अनुपस्थिति में मन्ना का ऑपरेशन कर दिया गया। सूरज का आरोप है कि इससे बहन की तबीयत बिगड़ गई। बाद में चिकित्सक उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए। 29 मार्च को उसकी मौत हो गई। मन्ना की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना पोस्टमार्टम के शव को अस्पताल से बाहर कर दिया।
डॉक्टरों की फरारी के बाद सीएमओ की अनुशंसा पर देहात कोतवाली पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर नन्दिनी हॉस्पिटल के डा. आरके सिंह , डा . डीके विश्वकर्मा व महिला डॉक्टर प्रीती शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) लापरवाही से हुई मौत का केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
Updated on:
12 Apr 2025, 6:48 PM IST
Published on:
12 Apr 2025, 6:47 PM IST
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