हकीमपुरवा में हुए हादसे का कारण भी सीलन ही बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार घर लगभग 40 साल पुराना है। और जर्जर हो गया है। यही कारण है कि शनिवार को छज्जा भरभरा कर गिर गया। छज्जा गिरने की आवाज सुनकर परिजन चिल्लाते हुए दौड़े और ग्रामीणों की मदद से छज्जे को हटाया लेकिन जब तक मलबा हटाया जाता, दोनों की दबकर दर्दनाक मौत हो गई थी। दर्दनाक हादसे का शिकार कृष्णा हकीमपुरवा की ग्राम प्रधान रेखा देवी का भतीजा है। वहीं, कृष्णा पोता लगता है। घटना के बाद प्रधान भी सदमे में हैं। उनका भी रो-रोकर बुरा हाल है।