
सीएम योगी
लखनऊ. सीएम योगी (CM Yogi) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को 7 नए मेडिकल कॉलेज (Medical College) की सौगात दी। यह मेडिकल कॉलेज बहराइच के अलावा अयोध्या, शाहजहांपुर, बस्ती, फिरोजाबाद, बदायूं व गौतमबुद्धनगर में अगले दो महीने में तैयार हो जाएंगे। सीएम योगी ने बहराइच से एक साथ सभी का उद्घाटन किया। यह पहली बार है कि प्रदेश को एक साथ सात नए मेडिकल कॉलेज मिलेंगे। अभी तक राज्य में देश की आजादी के बाद से केवल 13 मेडिकल कॉलेज ही थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है। इन सभी सात नए कॉलेजों में एमबीबीएस की 100-100 सीटों पर पढ़ाई की अनुमति मिल गई है। वहीं अयोध्या का मेडिकल कॉलेज तैयार होने से वहां के लोगों को इलाज के लिए लखनऊ तक का सफर तय करना नहीं पड़ेगा। साथ ही बस्ती में भी मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
प्राइवेट प्रेक्टिस पर उठाए सवाल-
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरे। इसके बाद वे कार से सीधे मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हो गए। यहां के एमबीबीएस के छात्रों के साथ-साथ सीएम योगी ने बाकी नए मेडिकल कॉलेज के छात्रों से भी वीडियों कॉफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक मेडिकल छात्र को तैयार करने में 10 करोड़ खर्च होते हैं। और यह पैसा जनता की ओर से जमा किये गए टैक्स से आता है। ऋण से उऋण होने के लिए डॉक्टर बनने के बाद जनता की सेवा करें। इसी के साथ सीएम योगी ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों डॉक्टरों से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सरकार से वेतन लेते हैं, उसके बाद भी प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। ऐसा क्यों? उन्होंने कहा कि अब आप सभी देख रहे हैं कि सरकारी धन हड़पने वाले कहां जा रहे हैं।
14 नए मेडिकल कॉलेजों का भेजा प्रस्ताव-
सीएम योगी ने कहा कि केंद्र को 14 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि बहराइच में हॉस्पिटल का नाम महर्षि बालार्क ऋषि तथा मेडिकल कॉलेज का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम से रहेगा। यह पहली बार है कि उत्तर प्रदेश को एक साथ सात मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैं। इसमें बहराइच, बस्ती, अयोध्या, शाहजहांपुर व फीरोजाबाद में स्वशासी पद्धति से जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाया गया है, जबकि बदायूं में राजकीय मेडिकल कॉलेज और ग्रेटर नोएडा स्थिति राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी इसी सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराई जा रही है।
आजादी के बाद पहली बार मिले इतने मेडिकल कॉलेज-
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में मात्र 13 मेडिकल कॉलेज हैं। वर्ष 1947 से 2014 तक प्रदेश में केवल इतने ही मेडिकल कॉलेज बने थे, जबकि अब एक साथ सात मेडिकल कॉलेज शुरू करने के साथ ही फेस-2 के तहत दूसरे चरण के लिए आठ और मेडिकल कॉलेजों की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें देवरिया, सिद्धार्थनगर, मीरजापुर, फतेहपुर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़ व गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं। बताया गया है कि इन कॉलेजों को अगले वर्ष तक काम पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
Published on:
28 Aug 2019 04:51 pm
