
तुषार ने धारण किया हनुमान का चोला
असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजया दशमी दशहरा शहर सहित ग्रामीण अंचलों में गुरूवार को धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यालय में उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में रावण सहित मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। भगवान श्रीराम व लक्ष्मण सहित हनुमान जी का जुलूस रावण दहन स्थल पर पहुंचा। यहां अहंकारी रावण के पुतले पर प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण की वर्षा कर रावण का दहन किया। रावण, कुंभकरण सहित मेघनाथ का पुतला धंू-धंू कर जल उठा। रावण दहन को देखने शहर सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में दर्शक एकजुट हुए थे।
पुलिस की चाक चौबंध व्यवस्था के बीच कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में चल समारोह निकालकर रावण के पुतले का दहन किया गया।
महावीर सेवादल समिति ने 63 वें वर्ष में भी नए श्रीराम मंदिर से भव्य चल समारोह निकाला। इसमें पवनपुत्र हनुमान साधक तुषार उपाध्याय ने 40 किलों वजनी अष्टधातु का मुकुट धारण किया। जो चल समारोह में पैदल नाचते झूमते हुए चल रहे थे। वहीं सुंदर दिव्य रथ पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण विराजमान होकर शोभायात्रा की शान बढ़ा रहे थे। इस बार शोभा यात्रा में जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में आम जनता ने शामिल होकर जय श्रीराम और जय वीर महावीर के जयघोष लगाए।
श्रीराम मंदिर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा हनुमान चौक, सराफा चौक, सुभाष चौक, महावीर चौक, गुजरी चौक, काली पुतली चौक, अम्बेडकर चौक होते हुए रावण दहन स्थल उत्कृष्ट स्कूल पहुंची। हनुमान साधक तुषार ने हनुमान मंदिर पहुंच हनुमान जी की पूजा आराधना कर आर्शीवाद प्राप्त किया। इसके अलावा दुर्गा पंडालों में भी पहुंच मातारानी की आराधना कर आर्शीवाद लिया। शोभायात्रा रावण पुतला दहन स्थल पहुंच संपन्न हुई। यहां हनुमान का चोला धारण करने वाले साधक तुषार की अगुवाई में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के तीरों से असत्य और अधर्म के प्रतीक रावण के पुतले सहित कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया। चल समारोह के दौरान विभिन्न स्थानों पर महाप्रसादी और जलपान वितरण किया गया।
पुलिस और प्रशासन की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच दशहरा पर्व रावण दहन का कार्यक्रम शांति पूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शहर में महावीर सेवादल समिति द्वारा आयोजित दशहरा चल समारोह में नजर बनाए रहे और मैदान में पुलिस के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों ने बखूबी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर दशहरा पर्व को शांति पूर्वक मनाए जाने के लिए अपनी महती भूमिका निभाई।
Updated on:
03 Oct 2025 11:35 am
Published on:
03 Oct 2025 11:35 am
