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धनसुवा गोसाईं मंदिर राज्य संरक्षित घोषित, पुरातत्व विभाग का प्रयास सफल

जिले के धनसुवा के गोसाईं मंदिर को राज्य सरकार के संस्कृति विभाग ने राज्य संरक्षित घोषित किया है।

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balaghat

धनसुवा गोसाईं मंदिर राज्य संरक्षित घोषित, पुरातत्व विभाग का प्रयास सफल

बालाघाट. जिले के धनसुवा के गोसाईं मंदिर को राज्य सरकार के संस्कृति विभाग ने राज्य संरक्षित घोषित किया है। उक्त कार्रवाई मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल व अवशेष अधिनियम 1964 के तहत की गई है। अब इन राज्य संरक्षित स्मारकों से कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगा। प्राचनी गोसाईं मंदिर के संरक्षण को लेकर इतिहास पुरातत्व विभाग द्वारा काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। मंदिर को राज्य संरक्षित घोषित किए जाने पर पुरातत्व संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्रसिंह गहरवार सहित सभी पदाधिकारियों व जिलेवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है। गौरतलब हो कि राज्य सरकार के संस्कृति विभाग ने प्रदेश के पांच प्राचीन स्मारकों को राज्य संरक्षित घोषित किया है। जिसमें जिले का धनसुआ स्थित गोसाईं मंदिर शामिल है।
इस संबंध में डॉ. गहरवार ने बताया कि 27 अक्टूबर 1980 को पीजी कॉलेज का राष्ट्रीय सेवा योजना का कैम्प ग्राम पंचायत धनसुवा में लगा था। इस दौरान ग्राम में स्थित गोसाईं मंदिर देखा जिसकी स्थिति काफी जर्जर थी। छात्रों के सहयोग से मंदिर की साफ-सफाई अन्य व्यवस्था की गई। धनसुवा से वापस लौटने के बाद इस प्राचीन मंदिर के संरक्षण के लिए निरन्तर शासन/प्रशासन से पत्राचार करते रहे। जिसका परिणाम है कि आज शासन ने इस मंदिर को राज्य संरक्षित घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि गोसाईं मंदिर धनसुवा 10 वीं शताब्दी का है। जो देख रेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होते जा रहा था।