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अधूरे, खंडहर हो रहे पीएम आवासों की होगी जांच, जिला पंचायत सीईओ ने दिए निर्देश

बालाघाट. जिले के आदिवासी अंचलों में अधूरे व खंडहर हो रहे पीएम आवासों की अब जांच होगी। पत्रिका में प्रकाशित खबर पर जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा ने संज्ञान में लिया है। खबर प्रकाशन के बाद जपं बैहर और लांजी के सीईओ को पत्र लिखकर जांच करने के निर्देश दिए है। मामला दक्षिण बैहर के […]

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पीएम आवासों की होगी जांच

अधूरे, खंडहर हो रहे पीएम आवासों की होगी जांच

बालाघाट. जिले के आदिवासी अंचलों में अधूरे व खंडहर हो रहे पीएम आवासों की अब जांच होगी। पत्रिका में प्रकाशित खबर पर जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा ने संज्ञान में लिया है। खबर प्रकाशन के बाद जपं बैहर और लांजी के सीईओ को पत्र लिखकर जांच करने के निर्देश दिए है। मामला दक्षिण बैहर के वनग्राम दुगलई और जपं लांजी के वन ग्राम धीरी मुरुम का है।

पत्रिका की खबर पर जिला पंचायत सीईओ ने लिया संज्ञान

जानकारी के अनुसार दक्षिण बैहर के वनग्राम दुगलई और जनपद पंचायत लांजी के वनग्राम धीरी मुरुम में बैगा आदिवासियों को पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं। आवास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया गया। लेकिन तीन वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आवास पूर्ण नहीं हो पाए हैं। अब ये आवास खंडहर में तब्दील होने लगे हैं। दोनों ही ग्रामों की एक जैसी समस्या है। दोनों ही ग्रामों में पीएम आवास का निर्माण कार्य ठेकेदार को दिया गया था। ठेकेदार ने संबंधित हितग्राहियों के खातों से राशि का आहरण कर लिया है। काम अधूरा छोडकऱ अब फरार हो गया है। जिसके कारण बैगा आदिवासियों के पक्के आवास का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। पत्रिका ने इन दोनों ही मामलों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 15 मई के अंक में खंडहर हो रहे पीएम आवास, कबाडख़ाना बने शौचालय शीर्षक से वनग्राम दुगलई की समस्या का समाचार प्रकाशित किया गया था। इसी तरह 16 मई के अंक में निवासी मध्यप्रदेश के, निर्भरता छत्तीसगढ़ राज्य पर नामक शीर्षक से जनपद पंचायत लांजी के वन ग्राम धीरी मुरुम की समस्या का समाचार प्रकाशित किया गया था।

जपद पंचायत बैहर, लांजी सीईओ को लिखा पत्र

पत्रिका में प्रकाशित खबर पर जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में जनपद पंचायत बैहर और लांजी के सीईओ को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से जनपद पंचायत स्तर पर जांच टीम का गठन कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवदेन प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।

गांव पहुंचेंगी जांच टीम

वनग्राम धीरी और दुगलाई के अधूरे पीएम आवास, शौचालय की जांच करने के लिए जांच टीम गांव पहुंचेंगी। निर्माण कार्य के अलावा जांच टीम ग्रामीणों की समस्याओं के बारे में भी जानकारी हासिल करेगी। उल्लेखनीय है कि दोनों ही गांव जंगलों के बीच बसे हुए हैं। दोनों ग्रामों में रोजगार सहित अन्य समस्याएं विद्यमान है। दोनों ही ग्रामों के ग्रामीणों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं।