17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Wildlife Sanctuary: मध्यप्रदेश को जल्द मिलेगी एक और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, यह है तैयारी

sonewani wildlife sanctuary- सोनेवानी को अभयारण्य घोषित किए जाने की दिशा में प्रयास तेज, जिले को शीघ्र मिल सकता है एक और अभयारण्य

2 min read
Google source verification
sonewani.png

बालाघाट/वारासिवनी। सबकुछ ठीक रहा तो मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में एक और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (new wildlife sanctuary) मिल सकती है। इसे सेंचुरी बनाने के प्रयास तेज हो गए हैं। बालाघाट और वारासिवनी का यह क्षेत्र 182 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। घना जंगल होने के साथ ही यहां बड़ी संख्या में वाइल्ड लाइफ हैं।

क्षेत्र के सोनेवानी और सिलेझरी के जंगल को अभ्यारण घोषित किए जाने की मांग अब पूरी होने की दिशा में बढ़ रही है। सघन वनों में उपस्थित बाघ सहित अन्य दुलर्भ वन्य प्राणियों एवं वनस्पतियों को देखते हुए वन्यजीव प्रेमी एवं जनप्रतिनिधि लंबे समय से सोनेवानी के 182 वर्ग किमी. के सघन वन को अभ्यारण घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं।

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) की अध्यक्षता में मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 23वीं बैठक में विधायक प्रदीप जायसवाल के प्रयासों पर गंभीरता से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कदम बढाए गए हैं। कार्यालय मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक मप्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक जायसवाल के 22 जुलाई 2021 के पत्र पर वनमंत्री की टिप भी लिखी गई है। जिसमें दक्षिण सामान्य वन मंडल बालाघाट के अंतर्गत वन्य प्राणी बाहुल्य सोनेवानी वनक्षेत्र को अभ्यारण घोषित किए जाने के सबंध में नीतिगत चर्चा की गई। साथ ही डीएफओ और सीसीएफ की कार्रवाई को भी संज्ञान में लिया गया है।

क्षेत्रीय विधायक एवं खनिज विकास निगम अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने इस विषय को लेकर सीएम सहित संबंधित मंत्री एवं अधिकारियों के समक्ष मजबूती से मांग रखी। वहीं भोपाल से आ रही खबरों की माने तो मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सार्थक पहल कर चुके हैं और वन के इर्द गिर्द ग्रामवासियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई का आदेश जारी कर चुके हैं।

सोनेवानी वन लगभग 182 किमी. फैला हुआ है, जो कान्हा नेशनल पार्क एवं पेंच नेशनल पार्क का कारीडोर भी कहा जाता है। इस कारण दुलर्भ वन्यप्राणियों का आना जाना इसी मार्ग से होता है। सोनेवानी वन में चार वन्य ग्राम स्थित है। जिसमें सिलेझरी, सोनेवानी, चिखलाबडी एवं नवेंगाव शामिल है। सिलेझरी वन ग्राम विस्थापित हो चुका है। अन्य तीन वन ग्रामों को विस्थापित किया जाना है।

बोर्ड ने की अनुशंसा

मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 23वीं बैठक में प्रारूप निर्णय के अनुसार सोनेवानी के 163.195 वर्ग किमी. वनक्षेत्र को सोनेवानी अभ्यारण बालाघाट घोषित किए जाने हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव की बोर्ड ने अनुशंसा की है। साथ ही अभ्यारण के गठन की अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई की जाने की बात कही है। अब जिला योजना समिति की सिफारिश की कार्रवाई पर निगाहे लगी है।

वन्य प्राणियों की है बहुलता

जानकारी के अनुसार सोनेवानी वन क्षेत्र में विशेष रूप से वन्य प्राणियों में बाघ, तेंदुआ, बायसन, चीतल, सांभर, सोनकुत्ता आदि की बहुलता के साथ यह क्षेत्र कान्हा, पेंच टाइगर कारिडोर का भी भाग है। सोनेवानी अभ्यारण बन जाने से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वन्य प्राणियों का संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पर्यटन के लिए एक नया क्षेत्र भी विकसित होगा।