
नमक के छिड़काव से धान की फसल को मिलेगी राहत
कटंगी। खरीफ की प्रमुख फसल धान की खेती को अल्पवर्षा में नमक का छिड़काव कर 15 दिनों तक बचाया जा सकता है। नमक का छिड़काव करने से जमीन में नमी बनी रहती है और धान की फसल 15 दिन तक बिना बारिश के सुरक्षित रह सकती है और इससे भूमि की उर्वरक क्षमता को भी कोई फर्क नही पड़ता। अपना यह अनुभव उमरी के समृद्ध कृषक सतीश जोशी ने पत्रिका से साझा किया है। उन्होंने अल्पवर्षा के दौर में इसी तकनीक से अपने खेत में लगी धान की फसल को बचाया है। वह कहते हंै कृषि महंगी नहीं बल्कि किसानों ने उसे महंगा बना दिया है। उनका कहना है क्षेत्र में एक पखवाड़े से बारिश नहीं हुई है। जिससे धान की फसल चौपट होने की कगार पर आ गई है। किसान चिंतित और परेशान है। सभी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस तकनीक को अपनाकर किसान अभी फसल को बचा सकते है।
कृषक सतीश जोशी ने बताया कि जिन खेतों में अल्पवर्षा के कारण बड़ी-बड़ी दरारे पड़ चुकी है तथा रोपा पीला पड़ गया है। ऐसे किसान एक एकड़ की फसल में 15 किलो नमक (गड़ा नमक) का छिड़काव करके अपनी फसल को बचा सकते हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाजार में 5 से 7 रुपए किलों में मिलने वाला गड़ा नमक के छिड़काव से यह संभव हुआ है। बता दें कि कृषक जोशी अपने खेत में किसी भी प्रकार की कीटनाशक दवा का उपयोग नहीं करते वह जैविक खेती अपना रहे है। खाद के लिए वह अपने पालतु मवेशियों को मलमूल का ही उपयोग करते है। इसके लिए बकायदा उन्होंने एक सिस्टम तैयार किया हुआ है। उन्होंने कृषकों को सुझाव दिया है कि वह अपने खेतों में नमक का छिड़काव जरूर करें ताकि फसलों को जीवनदान मिल सकें। खाद के लिए वह अपने पालतु मवेशियों को मलमूल का ही उपयोग करते है। इसके लिए बकायदा उन्होंने एक सिस्टम तैयार किया हुआ है।
Published on:
06 Aug 2018 09:01 pm
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