बालाघाट/रामपायली. भगवान श्रीराम की नगरी रामपायली में रविवार को सैकड़ों गांव के हजारों ग्रामीणों ने श्रीराम बालाजी ग्राम मंगल यात्रा निकालकर भगवान श्रीराम बालाजी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे। ग्राम मंगल यात्रा हजारों की भीड़ के चलते अपने आप में खास रही। वहीं यात्रा देश भक्ति, संस्कृति और प्रकृति का संदेश देने वाली साबित हुई। पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त इस मंगल यात्रा में हजारों लोगों का केले के पत्तों में भंडारा अपने आप में आधुनिक युग को सबक देने वाला साबित हुआ। 2016 में प्रारंभ हुई ग्राम मंगल यात्रा अब परंपरा बनते हुए आस्था के जनसैलाब में बदलती नजर आई।
चंदन नदी के किनारे भगवान श्रीराम बालाजी का भव्य मंदिर और इसके आस-पास हजारों लोगों का जनसैलाब उत्साह, उमंग देखने लायक था। पद यात्रा के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त कार्यक्रम कर प्रकृति के हित में कार्य करने का संदेश दिया गया। वहीं मिट्टी के पात्रों के स्टॉल, आदिवासी संस्कृति की झलक से देशभक्ति, संस्कृति और एकता का सबक भी दिया गया। प्लास्टिक के सामानों को पूर्णत: वर्जित रखा गया था। बकायदा लोग यहां केले के पत्तों पर भोजन और प्राकृतिक वस्तुओं का ही उपयोग करते दिखाई दिए। यहां तक की प्रचार प्रसार के आडंबर में भी फ्लैक्स या किसी भी तरह के प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया।
नाचते झूमते पहुंचे श्रद्धालु
रामपायली क्षेत्र से लगे कटंगी, जराहमोहगांव, वारासिवनी लिंगमारा, घोटी, आरंभा, भेंडारा, खैरलांजी, टेकाड़ीघाट, अंसेरा, सिकंदरा, मेंडकी, झाडग़ांव, डोंगरमाली, नवेगांव, ऐरवाघाट, पौनेरा, थानेगांव, जलगांव, चिचोली, नवेगांव, खरखड़ी, सालेबर्डी, उमरवाड़ा, मेहदोली, गर्रा बोड़ी, कोथुरना, सोनझरा, चिखलाबांध, अमई, लालपुर, देवगांव, मोहगांव, पिपरिया, बिठली, कन्हारटोला, सिंगोड़ी, कटंगटोला आदि गांवों से के लोग भजन कीर्तन व नाचते झूमते हुए पैदल रामपायली मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं की टोली डीजे पर भक्तिमय गीतों की धुन पर झूमते हुए भी दिखाई दी। रामपायली मंदिर परिसर और चंदन नदी के किनारे हजारों की भीड़ मेले के रूप बदल गई। यहां श्रीराम बालाजी, शिव और लंगड़े हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की गई।
हिंदुत्व जन जागरण के लिए यात्रा
समिति पदाधिकारियों के अनुसार श्रीराम बालाजी ग्राम मंगल पदयात्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम के दर्शन एवं हिंदू हिंदुत्व जन जागरण के अलावा देश से जुड़ी कलाकृति एवं देश हित में आम जनों को जागरूक करने का मूल उद्देश्य भी है। इस वर्ष सबसे बड़ा प्लास्टिक मुक्त कार्यक्रम, 24 कुंडली गायत्री महायज्ञ का आयोजन भी किया गया। सामाजिक समरसता के दर्शन, राष्ट्रीय महापुरुषों को नमन, जल संरक्षण का महत्व, पौध रोपण प्रोत्साहन, पौधे वितरण, गौवंश रक्षण, कृषि उत्पादों का प्रचार-प्रसार, ग्रामीण हाट बाजार, ग्रामीण उद्यमियों के उत्पाद मिट्टी के बर्तन एवं ग्रामीण मनभावन झांकियों की कला को आज के इस युग में संजाए के रखने का मूल उद्देश्य भी यात्रा का रहा।
आयोध्या मंदिर ने मोहा मन
श्रीराम बालाजी ग्राम मंगल पदयात्रा में आए हुए हजारों श्रद्धालुओं का भगवान श्रीराम के दर्शन उपरांत महाआरती का भव्य आयोजन किया गया है। मंच में ग्रामों से आई झांकियों को प्रस्तुत किया गया। इस दौरान खासकर आयोध्या के रामलाल मंदिर की झांकी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रही। अंत में महाप्रसाद व भंडारे का आयोजन केले के पत्ते पर नीचे बैठाकर समस्त श्रद्धालु जनों ने ग्रहण किया। इस दौरान सनातन संस्कृति की झलक दिखाई दी।