राजेन्द्र डोंगरे, राजू धुर्वे, दीपक देशमुख, सुक्की बाई सरपंच निर्वाचितरिक्त पदों के लिए 13 जून का हुआ था मतदान
बालाघाट. जिले में रिक्त 4 सरपंच पद के लिए 13 जून को हुए मतदान के मतों की गणना 17 जून को की गई। बंद इवीएम से प्रत्याशियों की चुनावी किस्मत बाहर निकली। इसके बाद नवनिर्वाचित सरपंचों की घोषणा की गई। ग्राम पंचायत रोशना से राजेन्द्र कुमार डोंगरे, ग्राम पंचायत हट्टा से राजू धुर्वे, ग्राम पंचायत मिरगपुर से दीपक देशमुख और ग्राम पंचायत डोरली से सुखी बाई सरपंच निर्वाचित हुई है।
जानकारी के अनुसार बालाघाट विकासखंड के ग्राम पंचायत रोशना में पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। मतगणना के बाद राजेन्द्र कुमार डोंगरे को 455, अरुणा को उके 343, रोनू डोंगरे को 338, सुरेन्द्र कुमार खोबरागढ़े को 128 और बसंत कुमार वाहने को 24 मत प्राप्त हुए। 11 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया। इस तरह से राजेन्द्र कुमार डोंगरे 112 मतों से विजयी हुए। बैहर विकासखंड के ग्राम पंचायत हट्टा में चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। मतगणना के बाद राजू धुर्वे को 486, रतन सिंह कुमरे को 429, लखनलाल को 310 और फूलवती मेरावी को 274 मत प्राप्त हुए। 26 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया। राजू धुर्वे 57 मतों से विजयी घोषित किए गए। विकासखंड खैरलांजी के ग्राम पंचायत मिरगपुर में दो ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। मतगणना के बाद दीपक देशमुख को 996 और संतोष मेश्राम को 359 मत प्राप्त हुए। 17 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया। दीपक देशमुख 637 मतों से विजयी घोषित किए गए। विकासखंड लांजी के ग्राम पंचायत डोरली में दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। मतगणना के बाद सुक्की बाई को 442 और तारा बाई को 433 मत मिले। 1 मतदाता ने नोटा का उपयोग किया था। सुक्की बाई 9 मतों से सरपंच निर्वाचित हुई।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत रोशना में 82.01 प्रतिशत, ग्राम पंचायत डोरली में 84.15 प्रतिशत, ग्राम पंचायत मिरगपुर में 75.63 प्रतिशत और ग्राम पंचायत हट्टा में 72.56 प्रतिशत मतदाताओं ने प्रत्याशियों की किस्मत को इवीएम में कैद किया था। 4 सरपंचों के निर्वाचन के लिए 13 मतदान केन्द्र और 1 पंच के निर्वाचन के लिए 1 मतदान केन्द्र बनाया गया था। विदित हो कि जिले में 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 35 वार्डों में पंच के पद रिक्त थे। पंच पद पर निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान नियत समय सीमा में 20 वार्डों के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन जमा नहीं किया। 14 वार्डों में पंच के लिए मात्र एक-एक प्रत्याशी होने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। 1 पंच के लिए मतदान हुआ।