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बाघ ने चरवाहे पर किया हमला, चरवाहा गंभीर रुप से घायल

जंगल में मवेशी चराने गया था चरवाहापांच दिनों के भीतर तीसरी घटना

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बालाघाट/लालबर्रा. जिले के लालबर्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघ ने एक चरवाहे पर हमला कर दिया। घटना में चरवाहा गंभीर रुप से घायल हो गया। जिसे लालबर्रा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। बाघ के हमले से ग्राम मानुटोला निवासी मिठ्ठनलाल उइके (60) घायल हो गया है। लालबर्रा क्षेत्र में पांच दिनों के भीतर बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है। इसके पूर्व बाघ ने दो पालतु मवेशियों पर हमला किया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम मानुटोला निवासी मिठ्ठनलाल उइके 17 जनवरी को गांव से सटे जंगल में मवेशी चराने गया था। शाम के वक्त बाघ ने मिठ्ठनलाल इड़पाची पर अचानक हमला कर दिया। बाघ के हमला करते ही साथी चरवाहों की नजर उस पर पड़ी। अन्य चरवाहों ने मौके पर ही जमकर शोर-शराबा किया। जिससे बाघ हल्ला सुनकर भाग गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वनविभाग को दी। घायल चरवाहे को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रुपए से घायल चरवाहे को जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर कर दिया गया। बाघ के हमले से मिठ्ठन के पीठ पर पंजे के निशान बने हुए है।
बाघ का बना हुआ है आतंक
लालबर्रा क्षेत्र में बाघ का आतंक बना हुआ है। 12-13 जनवरी को पनबिहरी के छात्रावासटोला में बाघ ने पालतू पशु गाय व कुत्ता का शिकार किया था। बुधवार को दोपहर 12 बजे के आस-पास ग्राम पांढरापानी में बाघ ने एक गाय को अपना निवाला बनाया है। जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पूर्व में वन विभाग ने वन क्षेत्र का भ्रमण कर सर्चिंग की। ड्रोन कैमरा से भी बाघ की मूवमेंट का पता लगाया गया। लेकिन बाघ का पता नहीं चल पाया था। लेकिन 17 जनवरी को बाघ ने पुन: चरवाहे पर हमला कर दिया। जिसके कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
इनका कहना है
धारावासी बीट में मानूटोला निवासी मिठ्ठनलाल मवेशी चराने के लिए गया था। जिस पर बाघ ने हमला कर दिया है। सूचना के आधार पर घायल ग्रामीण का उपचार करवाया जा रहा है। नियमानुसार आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा।
-ज्योत्साना खोबरागड़े, परियोजना वन परिक्षेत्र अधिकारी, लालबर्रा