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जिले के जंगलों पर ट्रैकिंग कर स्थल के महत्व को जान सकेंगे पर्यटक

दो दिनों में तीन पर्यटन स्थलों पर की विजिट ट्रैकिंग पाइंट को चिन्हित कर शुरू करवाई जाएगी गतिविधियां सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व, गांगुलपारा ईको पर्यटन स्थल और लौगूर घाटी का किया सर्वेक्षण

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इंडिया हाइक्स टीम ने टै्रकिंग की संभावनाओं की शुरू की तलाश

इंडिया हाइक्स टीम ने टै्रकिंग की संभावनाओं की शुरू की तलाश

पर्यावरण और पर्यटन प्रेमियों के लिए खुशी की खबर है। जिले के जंगल क्षेत्रों में शीघ्र ही ट्रैकिंग गतिविधियां प्रारंभ करवाई जाएगी। ट्रैकिंग टीम के अलावा पर्यटक भी जंगल क्षेत्र में विद्यमान विशेष स्पॉट के महत्व को जान व समझ सकेंगे। इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। इंडिया हाइक्स संस्था के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे अंकित ने स्थानीय अमले के साथ जंगलों में पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया है। जंगलों की विजिट कर पर्यटन की संभावनाओं और ट्रैकिंग स्पॉट को चिन्हित किया जा रहा है। इन्हें विकसित कर पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा दिए जाने की बात भी इन्होंने बताई।

24 जुलाई से शुरू किए गए सर्वेक्षण कार्य के पहले दिन लालबर्रा सोनेवानी कंजर्वेशन रिवर्ज क्षेत्र और 25 जुलाई को गांगुलपारा (टेकाड़ी) ईको पर्यटन स्थल सहित लौगूर घाटी जंगल क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य किया गया। प्रतिनिधियों का मानना है कि सबकुछ ठीक रहा तो शीघ्र ही यहां ट्रैकिंग गतिविधियां शुरू की जाएगी। सीधा लाभ स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को भी मिलेगा।

प्रदेश सरकार से हुआ ओएमयू

अंकित ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने इंन्वेस्ट मीट का आयोजन किया था। इस दौरान मुंबई की इंडिया हाइक्स संस्था को प्रदेश के पर्यटन स्थलों में टॅूरिज्म की संभावनाओं और ट्रैकिंग स्पॉट को चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था के प्रतिनिधि के रूप में उन्हें बालाघाट जिले का कार्य सौंपा गया है। उन्होंने पर्यटन प्रबंधक रत्नदीप बांगरे और वन कर्मचारियों के सहयोग से कार्य भी शुरू कर दिया है।

वन्यजीवों की विविधता का किया अवलोकन

एमपीटी के पर्यटन प्रबंधक रत्नदीप बांगरे ने बताया कि टीम ने जंगल के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया और संभावित ट्रैकिंग स्पॉट की पहचान की। जंगल की सुंदरता और वन्यजीवों की विविधता का अवलोकन किया गया है। जंगल के संरक्षण और सुरक्षा के महत्व पर भी चर्चा की गई। टीम ने भविष्य में जंगल में ट्रैकिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा जंगल के ट्रैकिंग स्पॉट को विकसित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करने का संकल्प भी लिया है।

वर्सन
सोनेवानी के जंगलों में ट्रैकिंग स्पॉट की पहचान एक महत्वपूर्ण कदम है। टीम ने जंगल के संभावित ट्रैकिंग स्पॉट की पहचान की और भविष्य में ट्रैकिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाने का निर्णय लिया है।
रत्नदीप बांंगरे, पर्यटन प्रबंधक बालाघाट