
वन विभाग के बंजारी रोपनी के बेड में सूखे पौधे
बालोद/देवरीबंगला. जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए डौंडीलोहारा ब्लॉक में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। जुलाई व अगस्त में विकासखंड के गांवों में पौधरोपण अभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। जिला पंचायत ने वन परिक्षेत्र डौंडीलोहारा को मनरेगा के तहत नि:शुल्क पौधा वितरण के लिए पौधे तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विभाग बंजारी, डुमाटोला, माटरी रोपणी में पौधे तैयार कर रहा है। वर्ष 2021- 22 में वन परिक्षेत्र डौंडीलोहारा के स्थायी रोपणी बंजारी मैं 50 हजार पौधा तैयार करने की जवाबदारी दी गई थी। इसके लिए जिला पंचायत ने 8 फरवरी 2021 को मनरेगा के तहत वन विभाग को 7.84675 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी। विभाग ने नि:शुल्क पौधा वितरण योजना के तहत ग्राम पंचायतों को 25 हजार पौधे वितरण किए थे। बंजारी नर्सरी के 25 हजार पौधे अधिकारियों की लापरवाही से वितरण के पहले ही सूख गए। विभाग के अधिकारी कर्मचारी इस संबंध में बोलने से बच रहे हैं।
मनरेगा से कोई राशि स्वीकृत नहीं
डौंडीलोहारा स्थित कार्यालय में वन परिक्षेत्र अधिकारी नंदकुमार सिन्हा से पूछने पर कहा कि हमारे यहां मनरेगा से कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने डिप्टी रेंजर से बात करने कहा। बंजारी रोपनी प्रभारी ललित वर्मा ने कहा कि आपको जो भी जानकारी चाहिए, आवेदन लगा दीजिए। लापरवाही को छिपाने अधिकारी इसी तरह टालमटोल करते रहे।
इस वर्ष भी होगा नि:शुल्क पौधे वितरण
जिला पंचायत बालोद ने 2022 - 23 में नि:शुल्क पौधा वितरण के लिए वन विभाग को 50-50 हजार पौधा तैयार करने बंजारी एवं डुमाटोला रोपणी को 38 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। वन विभाग दोनों रोपणी में खम्हार के 3400 पौधे, आंवला के 11700 पौधे, महुआ के 6094 पौधे, इमली के 8600 पौधे, बेल के 9950 पौधे, बहेड़ा के 9570 पौधे एवं अन्य प्रजाति अर्जुन, जामुन, कटहल, आम, करंज, अमरूद सीताफल, शीशम, गंगा इमली, काजू, अंजन, बीजा, नींबू के पौधे तैयार कर रहे हैं।
मनरेगा से विभाग को स्वीकृत राशि
जिला पंचायत बालोद में वन विभाग को अलग-अलग वर्ष में लाखों की राशि स्वीकृत की है। 2019-20 में 34.82 लाख, 2020-21 में 9.046 लाख, 2021-22 में 7.84 लाख एवं 2022-23 में 38 लाख की राशि दी गई है।
मनरेगा की राशि में गड़बड़ी गंभीर मामला
जनपद पंचायत डौंडीलोहारा अध्यक्ष जागृत सोनकर ने कहा खरखरा जलाशय के अंतिम छोर पर बंजारी रोपणी है। वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से पानी के अभाव में 25 हजार से भी अधिक पौधे सूख जाना गंभीर मामला है। जिला प्रशासन को जांच करानी चाहिए।
मुझे जानकारी नहीं
डौंडीलोहारा वन परिक्षेत्र अधिकारी नंदकुमार सिन्हा ने कहा कि मनरेगा से कितनी राशि स्वीकृत हुई है। कितने पौधे तैयार किए जा रहे हैं। कितने पौधे सूख गए हैं। मुझे नहीं मालूम।
Published on:
07 Jun 2023 11:02 pm
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