
हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही।
बालोद/गुंडरदेही. प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष के बाद अब फलदार वृक्ष पर पड़ी लकड़ी माफियाओं की नजर, 8 नग इमली का गोला एवं एक नग बेर का गोला हुआ जब्ती। गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर ग्राम पीरिद में अवैध रूप से फलदार वृक्ष की कटाई पर कार्रवाई की गई। 9 पेड़ के गोले की जब्ती बनाई गई। पंचनामा पटवारी, राजस्व निरीक्षक डुंडेरा ने बनाई। कटाई की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर सरपंच, कोटवार एवं ग्रामवासियों के साथ जब्ती सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। वृक्षों के गोले को भूमि स्वामी ईश्वरी पिता भरोसा के सुपुर्द किया गया। प्राप्त नौ गोले को दो ट्रैक्टर जलाऊ लकड़ी सुपुर्द में दी गई। प्रकरण को तहसीलदार अर्जुंदा को सौंपा गया। सुपुर्द पंचनामा में सरपंच, कोटवार एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। सूचना के बाद इस वर्ष राजस्व विभाग की पहली कार्रवाई है।
वन विभाग निष्क्रिय
वन विभाग की निष्क्रियता के चलते लकड़ी माफियाओं के हौसलेे बुलंद हैं। गुंडरदेही ब्लॉक में उतई, कुम्हारी, चरोदा, गाड़ाडीह के लगभग एक दर्जन मेटाडोर अवैध रूप से लकड़ी के परिवहन में लगे हुए हैं। अब तक बड़े लकड़ी दलाल एवं अन्य अवैध परिवहन करने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बबुल की लकड़ी का मामला राजस्व विभाग तक नहीं पहुंचा
वहीं गुंडरदेही के ग्राम तमोरा में बबुल की लकड़ी से भरी मेटाडोर कुछ दिन पूर्व कोटवार के सुपुर्द में रखने का मामला आया था। कोटवार ने गुंडरदेही तहसीलदार विनोद कुमार साहू एवं हल्का पटवारी के आदेश का पालन करते हुए गाड़ी की चाबी भी ले ली थी। लेकिन राजस्व विभाग तक मामला नहीं पहुंचा, जो जांच का विषय है।
पंडर दल्ली में कुछ मकानों में वर्षों पुराने फलदार पेड़ काटे जा रहे
बालोद/दल्लीराजहरा . खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ राजहरा शाखा के अध्यक्ष किशोर कुमार मायती ने डिप्टी रेंजर और सीएसपी राजहरा को ज्ञापन सौंपकर फलदर वृक्ष की कटाई करने वालों पर कार्रवाई का निवेदन किया। उन्होंने बाताया कि तरफ पर्यावरण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को पौधरोपण करने जागरूक किया जा रहा है। ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके। लेकिन राजहरा नगर में विपरीत कार्य हो रहा है। कुछ लोग मशीन लेकर खुलेआम टाउनशिप क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। इसके लिए परमिशन भी नहीं ली जा रही है। पंडर दल्ली क्षेत्र में कुछ मकानों में निवासरत व्यक्तियों ने वर्षों पुराने फलदर वृक्ष को जड़ से कटवा दिया है। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वनविभाग की भूमिका भी संदेहजनक लगती है। लिखित शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। पेड़ की कटाई कर लकड़ी घर पर रखी हुई है। ऐसा लगता है कि लकड़ी को अन्यत्र हटाने पूरा समय दिया जा रहा है।
Published on:
28 Mar 2022 11:36 pm
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
