
बस में घुसकर बैठ गए कुत्ते
बालोद. शहर में आवारा मवेशियों और कुत्तों की समस्या धीरे-धीरे कर विकराल हो गई है। नगर पालिका (Municipality) इस समस्या के समाधान में पूरी तरह फेल नजर आ रही है। खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। दिनभर शहर की सड़कों पर सैकड़ों खतरनाक कुत्ते बेधड़क विचरण करते देखे जा सकते हैं। इससे जनता परेशान है। झुंड में होने के कारण कुत्तों का आतंक रहता है। वाहन या साइकिल से गुजरने वालों दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही है।
हर गली-मोहल्लों में कुत्तों का झुंड
जिला अस्पताल से मिले आंकड़े की बात करें तो दो माह में आवारा कुत्तों ने 62 लोगों को काट भी लिया है। अब लोगों खासकर बच्चों को सावधान रहने की जरूरत है। शहर के हर गली-मोहल्लों ने कुत्तों का झुंड आसानी से देखा जा सकता है। शहर में लगभग 8 साल पहले ही श्वान बधियाकरण (castration) अभियान चलाया था। इसके बाद दोबारा अभियान नहीं चलाया गया है।
लोक निर्माण कॉलोनी में बच्चों को दौड़ाया
हाल ही में लोक निर्माण कॉलोनी में कुत्तों के झुंड ने अस्पताल के एक कर्मचारी की बच्ची को दौड़ा दिया था। मोहल्ले में 20 से अधिक कुत्तों का झुंड दिखाई दे रहा है। (balod patrika) कॉलोनी के रहने वाले कर्मचारियों ने बताया कि कुत्तों के झुंड को देखते हुए शाम होते ही बच्चों को घर से बाहर नहीं निकालते। यही स्थिति जिला अस्पताल की है। जिला अस्पताल तरफ भी बड़ी संख्या में श्वान खतरा बने हुए हैं।
दो माह में डॉग बाइट के केस
जुलाई - 36
अगस्त में -26
कुल -62
बस में घुसकर बैठ गए कुत्ते, निकालने आए लोगों को दौड़ाया
अंधेरे और सुनसान गलियों में गुजरने वालों को कुत्ते दौड़ाते हैं। नगर की सिंधी कॉलोनी, नयापारा, लोक निर्माण कॉलोनी, जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन मार्ग सहित अन्य मोहल्लों में कुत्तों का झुंड आसानी से देखा जा सकता है। शुक्रवार को ही चार से पांच कुत्ते बस स्टैंड में बस के अंदर घुस गए थे। बाहर निकालने का प्रयास किया तो लोगों को ही भौंकने लगे, वहीं एक ने दौड़ा भी दिया।
कुत्तों के झुंड से दहशत
शहर में देखा जाए तो पहले ही लोग सड़कों व गलियों पर बैठे गौ वंश से परेशान हैं। अब पूरे शहर में कुत्तों के झुंड से दहशत में हैं। इससे कब राहत मिलेगी। इसके बारे में पालिका भी नहीं बता पा रही है।
सीएमओ बोले-हटाने का करेंगे प्रयास
नगर पालिका के सीएमओ सुनील अग्रहरि ने बताया कि शहर में घूम रहे कुत्तों के झुंड को हटा सकते हैं, प्रयास किया जाएगा। लेकिन यहां डॉग हाउस नहीं है। बधियाकरण करने फिलहाल बजट नहीं है।
Published on:
08 Sept 2023 10:56 pm
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