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आयुर्वेदिक अस्पताल जर्जर, अब पंचायत भवन में हो रहा संचालन

ग्राम पंचायत बिरेतरा का आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। संचालन पंचायत भवन में किया जा रहा है। ग्रामीण जल्द भवन बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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मरीजों को होती है परेशानी

आयुर्वेदिक अस्पताल जर्जर

बालोद. ग्राम पंचायत बिरेतरा का आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। संचालन पंचायत भवन में किया जा रहा है। ग्रामीण जल्द भवन बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। पत्रिका से चर्चा करते हुए ग्रामीण राकेश यादव, विजय साहू, मुकेश साहू, दुर्गा सोरी, हमेश्वर साहू, अरुण साहू, पुनूराम साहू ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन 30 से 40 साल पुराना है। उनके अनुसार पिछले पिछली बरसात में आंधी-तूफान में भवन का टिन शेड उड़ गया था, जिसे आज तक नहीं सुधारा गया है। मुख्य कमरा उसी तरह खुला पड़ा है। डॉक्टर बरामदे में उपचार करते थे। गर्मी में बरामदे के टिन शेड के नीचे बैठने की स्थिति नहीं थी। अस्पताल को पंचायत भवन में संचालित किया जा रहा है। मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ता है, इसलिए जल्द भवन बनाने की मांग की जा रही है।

जिले में बेहतर होनी चाहिए आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था
जिले के कई आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कर्मचारियों की कमी के कारण सभी को परेशानी होती है। कर्मचारियों के अनुसार आयुर्वेद की चिकित्सा व्यवस्था और भी बेहतर होनी चाहिए। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कर्मचारियों की तैनाती है। अस्पताल पर सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहती हैं, जिससे कोई भी बिना दवा के खाली हाथ नहीं जाता है।

यहां रोजाना आते हैं मरीज इलाज कराने
ग्राम बिरेतरा के आसपास के ग्रामीण इस आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। 40 से 50 मरीज रोज उपचार कराने आते हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में प्रत्येक माह नए-पुराने मिलाकर साढ़े तीन से चार सौ मरीज ही आते हैं। अस्पताल की बदहाली के कारण लोगों को सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति से लोगों का विश्वास उठने लगा था।

राशि स्वीकृत हो चुकी है
ग्राम बिरेतरा सरपंच दुर्गा सोरी ने बताया कि आयुर्वेदिक भवन के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। आयुर्वेदिक भवन को जल्द बनाने की मांग की जा रही है। ताकि मरीजों को परेशानी न हो।