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कुल्हाड़ी से काटकर जीजा ने की साले की हत्या, इस हाल में मिली लाश, मचा हड़कंप

Murder News: बलौदा क्षेत्र में जीजा ने अपने बड़ साले को मामूली विवाद पर कुल्हाड़ी से गला रेत दिया। इतना ही नहीं वह एक की हत्या करने के बाद दूसरे की भी तलाश कर रहा था।

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Balod Crime News

कुल्हाड़ी से काटकर जीजा ने की साले की हत्या, इस हाल में मिली लाश, मचा हड़कंप

CG Crime News: मामूली विवाद पर हत्या की वारदात का चलन दिन ब दिन बढ़ते जा रहा है। अपने ही अपनों का गला रेतने कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। पत्नी अपने पति का गला रेत रही है तो पति अपनी ही पत्नी का गला रेत रहा है। हत्या जैसे संगीन मामलों में जेल जाने की कोई सोंच भी नहीं रहा है। कुछ ऐसे ही मामले ने बलौदा क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिसमें जीजा ने अपने बड़ साले को मामूली विवाद पर कुल्हाड़ी से गला रेत दिया। इतना ही नहीं वह एक की हत्या करने के बाद दूसरे की भी तलाश कर रहा था। लेकिन दूसरे ने मौके की नजाकत को भांपते हुए जान बचाकर भाग निकला। नहीं तो उसकी भी जान जा सकती थी।

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पुलिस के अनुसार बलौदा निवासी मुन्ना प्रजापति का दशगात्र कार्यक्रम नैया तालाब में चल रहा था। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ाें लोग एकत्रित हुए थे। लक्ष्मीनारायण उर्फ बुलांदु पिता पंचराम 62 वार्ड 9 जांजगीर भी तालाब के बगल में बरगद के पेड़ के नीचे बैठा था। इसी दौरान अचानक राजकुमार निवासी बलौदा चेहरे में कपड़ा बांधकर वहां पहुंचा और अपने बडे़ साले लक्ष्मी नारायण के गर्दन में पहले कुल्हाड़ी से वार किया। जिससे लक्ष्मी नारायण की मौके पर ही मौत हो गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों के बीच हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस के द्वारा मामले की जांच की जारी है। आरोपी को पुलिस ने धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

जमीन विवाद हत्या की प्रमुख वजह

पुलिस के अनुसार राजकुमार प्रजापति पिता टिगाली का अपने बडे़ साले लक्ष्मीनारायण चक्रधारी के साथ जमीन संबंधित पुराना विवाद था। दरअसल, राजकुमार के बेटे की तबीयत खराब थी। उस वक्त उसे पैसों की जरूरत थी। तब उसने लक्ष्मीनारायण से जमीन संबंधी लेन देन का सौदा किया था लेकिन लक्ष्मीनारायण अपनी बातों से मुकर गया। जिसे लेकर राजकुमार के मन में बदले की भावना घर कर गई थी। राजकुमार का यह भी कहना था कि लक्ष्मीनारायण के भाई को भी मौत के घाट उतारना चाह रहा था, लेकिन वह मौके पर नहीं था। यदि वह मौके पर मौजूद होता तो उसकी भी जान जा सकती थी।

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