
बारहवीं में शिवांगी राजहरा में प्रथम, मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने की चाह
बालोद/दल्लीराजहरा . डीएवी इस्पात सीनियर सेकंडरी पब्लिक स्कूल दल्लीराजहरा में सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। विद्यालय में कुल 96.5 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे। 12 वीं की छात्रा शिवांगी प्रिया ने 95.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नगर में प्रथम स्थान अर्जित किया है। लतिका सोनी एवं प्रीति कुमारी ने 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नगर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। आदर्श जैन एवं सरिता बास्के ने 94.0 प्रतिशत अंक लेकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। कुल 9 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किया है।
रोज 12 घंटे करती थी पढ़ाई
शिवांगी प्रिया व उक्त छात्र-छात्राओं की उपलब्धि पर उनके माता-पिता सहित स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, सहपाठियों, परिजन, मित्रों एवं नगरवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिवांगी के पिता संजय कुमार यादव दल्ली के मेकेनाइज्ड माइंस में कार्यरत हैं। माता सुमन देवी यादव हैं। शिवांगी मेडिकल में जाना चाहती है। वे रोज 12 घंटे पढ़ाई करती थी, इस वजह से उन्हें यह सफलता मिली है।
एकास 92.06 प्रतिशत के साथ निर्मला स्कूल में प्रथम
निर्मला सीनियर सेकंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र एकास ज्योत सिंह छतवाल ने 12वीं के सीबीएसई पाठ्यक्रम मेंं 92.06 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया है। छात्र एकास ज्योत सिंह के पिता परमिंदर सिंह एवं माता तरनजीत कौर सहित स्कूल के प्राचार्या, शिक्षकगण, सहपाठियों ने उनकी उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अभिनीत बोला, पढ़ाई के लिए शानदार शहर है भिलाई
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने शनिवार को बारहवीं के नतीजे जारी कर दिए। इस साल डीपीएस, रिसाली के छात्र अभिनीत परिच्छा ने भुवनेश्वर रीजन में टॉप किया है। उन्हें साइंस ग्रुप में 98.4 फीसदी अंक मिले हैं। अभिनीत मुख्य रूप से ओडिसा के बलांगिर का रहने वाला है, लेकिन इस परिवार ने अपने होनहार की अच्छी शिक्षा के लिए एजुकेशन हब भिलाई को चुना। दो साल तक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। सबसे खास बात यह है कि अभिनीत ने दसवीं तक की पढ़ाई आईसीएसई बोर्ड से की है। वह 2016 में पूरे देशभर में टॉपर रह चुके हैं। उनका कहना है कि 12वीं के लिए जब स्कूल चुनने की बारी आई तो हर किसी ने भिलाई का नाम ही सुझाया। पांच साल के रिजल्ट देखने के बाद भिलाई से पढ़ाई करने का निर्णय किया और दाखिला ले लिया।
Published on:
27 May 2018 12:47 pm
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