रात्रि 8 बजे मेरा नाती हेमनाथ ने अपने पिता प्रेमलाल को गाली-गलौज करने से मना किया तो उसने नाती को चूल्हे की लकड़ी से मारने के लिए दौड़ाने लगा, तब मेरी पत्नी निराशा बाई और मैंने बीच-बचाव किया। तब हम दोनों से गाली-गलौज कर जान से मार धमकी दी और चूल्हा की लकड़ी से पत्नी के सिर पर मार दिया। मुझे भी एक डंडा मारा है, जिससे पत्नी और मेरे मस्तक के पास चोट आई। इलाज कराने शासकीय अस्पताल देवरी पहुंचे। पुलिस ने धारा 115(2), 296, 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।