
कलक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, गांव पहुंचकर किया बच्चों के स्कूल से आने का इंतजार
बालोद. कलेक्टर किरण कौशल को जब पता चला कि जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के वनांचल ग्राम पंचायत मडिय़ाकट्टा के आश्रित ग्राम राहटा की छात्राएं स्वयं पीपे की नाव चलाकर डूबान क्षेत्र से नाला पार कर पढऩे हायर सेकंडरी स्कूल अरजपुरी जाती हैं। तो व तत्काल ही संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वहां मोटर बोट भिजवाकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्वयं दोपहर ग्राम राहटा पहुंची थी।
छुट्टी के बाद छात्र-छात्राएं मोटर बोट से वापस आई
कलेक्टर जब ग्राम राहटा पहुंची तब कक्षा बारहवीं की शंाति, कक्षा दसवीं की प्रीति और कक्षा आठवीं के पूनम कुमार पढऩे अरजपुरी स्कूल गए हुए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को वापस लाने नगर सैनिकों को मोटर बोट लेकर भेजा और उनके आने तक वहां इंतजार किया। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्र-छात्राएं मोटर बोट में बैठकर प्रसन्नतापूर्वक वापस आए। इस दौरान बच्चों ने कलक्टर को उत्साहपूर्वक बताया वे पीपे की नाव से नाला पार कर स्कूल गए थे, वापस मोटर बोट में बैठकर आए हैं, जो बहुत अच्छा लगा।
पीपे की नाव के सहारे ही ग्रामीण भी जाते हैं राशन लेने
ग्रामीणों ने कलेक्टर से कहा कि उन्हें बाजार तथा किराना आदि का समान लेने ग्राम अरजपुरी पीपे की नाव से पार कर पहुंचना पड़ता है। इसलिए स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों के लिए पतवार वाली फाइवर बोट दी जाए। मांग पर कलक्टर ने कहा पंद्रह दिवस के भीतर पतवार वाला फाइवर बोट की व्यवस्था कर दी जाएगी। कलक्टर ने कहा तब तक दो नगर सैनिक प्रतिदिन छात्र-छात्राओं को लाइफ जैकेट सहित मोटर बोट से नाला पार कराएंगे।
मांग पर तत्काल दी चार किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी
कलक्टर ने विभिन्न समस्याओं पर उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव खरखरा जलाशय के डुबान क्षेत्र में बसा है और गांव की जनसंख्या मात्र 118 है। ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने राहटा से ग्राम रायगढ़ तक चार किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी।
इसके लिए उन्होंने पंचायत विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। मंाग पर रेडी टू इट पोषण आहार गांव में ही पहुंचा कर वितरण कराने और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण व टीकाकरण भी कराने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर को दिए। वहीं पेयजल के लिए सोलर हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए।
राशन सामग्री मडिय़ाकट्टा से मिलती है
कलक्टर के पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सभी परिवार का राशन कार्ड बना है, उन्हें शासकीय उचित मूल्य की दुकान मडिय़ाकट्टा से राशन सामग्री मिलती है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेन्द्र कुमार कटारा, वनमंडल अधिकारी पैकरा, एसडीएम जीएल यादव, आदिवासी विकास विभाग की उपायुक्त माया वारियर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
08 Jan 2019 08:20 am
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