
7 गांवों में बिना हेलमेट बाइक छूना भी मना (Photo AI)
Chhattisgarh News: सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों की संख्या दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य के लिए गहरी चिंता का विषय थी। इसी बीच, पद्मश्री शमशाद बेगम महिला कमांडो के कार्यों को लेकर उनसे मिलने पहुंचीं। चर्चा के दौरान आईजी शांडिल्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाइक दुर्घटनाओं को रोकने में महिला कमांडो की भूमिका पर सुझाव मांगा। पद्मश्री बेगम ने महिला कमांडो के साथ मिलकर इस दिशा में पहल करने का निर्णय लिया।
बातचीत में यह तथ्य उभर कर आया कि ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक मौतें हेलमेट न पहनने के कारण हो रही हैं। इसे रोकने के लिए महिला कमांडो ने '100 प्रतिशत हेलमेट ग्राम' अभियान की रूपरेखा तैयार की। अप्रैल में शुरू हुए इस अभियान के महज दो महीनों के भीतर बालोद जिले के सात गांव शत-प्रतिशत हेलमेट युक्त हो गए हैं। इन गांवों में अब जितने बाइक चालक हैं, सभी हेलमेट पहनकर ही घर से बाहर निकलते हैं।
अभियान की शुरुआत बालोद जिले के लाटाबोर ब्लॉक स्थित बोरी गांव से हुई। अभियान को बालोद एसपी योगेश पटेल का भी भरपूर सहयोग मिला। सबसे पहले बोरी गांव की 5 महिला कमांडो ने घर-घर जाकर सर्वे किया। पता चला कि गांव में कुल 192 बाइकों में से केवल 4 चालकों के पास हेलमेट नहीं था। शुरुआत में उन चार लोगों ने हेलमेट खरीदने से मना कर दिया, कुछ ने शर्त रखी कि खरीदकर मिले तो उपयोग करेंगे। महिला कमांडो ने धैर्यपूर्वक उन्हें समझाया कि जिंदगी आपकी है, उसे बचाने की जिम्मेदारी भी आपकी है।
बालोद में मिली अपार सफलता के बाद दूसरे जिलों की महिला कमांडो भी इस अभियान से जुड़ रही हैं। अब दुर्ग, कवर्धा और बेमेतरा जिले के कई गांवों को 'शत-प्रतिशत हेलमेट ग्राम' बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि पद्मश्री शमशाद बेगम के नेतृत्व में प्रदेश के 14 जिलों में 75 हजार से अधिक महिला कमांडो सक्रिय हैं, जो जनभागीदारी से शराबबंदी, पौधरोपण और बालिका शिक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रही हैं।
बोरी (बालोद ब्लॉक): 192 बाइक
खैरवाही (बालोद ब्लॉक): 122 बाइक
जेवरतला (गुंडरदेही ब्लॉक): 229 बाइक
सिबदी (गुंडरदेही ब्लॉक): 300 बाइक
अन्नूटोला (डोंडीलोहारा ब्लॉक): 102 बाइक
बोरी (डोंडीलोहारा ब्लॉक): 83 बाइक
जामुलवाही (डोंडी ब्लॉक): 75 बाइक
दुर्ग आईजी सर से बातचीत के बाद '100 प्रतिशत हेलमेट ग्राम' अभियान की रूपरेखा बनी। अप्रैल में शुरुआत हुई और दो महीने में 7 गांव पूरी तरह से हेलमेट ग्राम बन गए। आईजी सर ने इन गांवों को मॉडल माना है। जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित कर इन सात गांवों की महिला कमांडो और सरपंचों को सम्मानित किया जाएगा।
Updated on:
18 Jun 2026 03:01 pm
Published on:
18 Jun 2026 03:00 pm
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