20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आर्थिक परेशानी : किसान मित्रों को 22 माह से नहीं मिला मानदेय

बालोद जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यरत किसान मित्रों को 22 माह से मानदेय नहीं मिला है। किसान मित्रों ने कहा कि शासन हमें जो काम देता है, उसे बखूबी निभाते हैं। प्रत्येक किसान मित्र को महीने में मात्र एक हजार रुपए मिलता है। वह भी समय पर नहीं मिलते।

less than 1 minute read
Google source verification
आर्थिक परेशानी : किसान मित्रों को 22 माह से नहीं मिला मानदेय

आर्थिक परेशानी : किसान मित्रों को 22 माह से नहीं मिला मानदेय

बालोद. जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यरत किसान मित्रों को 22 माह से मानदेय नहीं मिला है। किसान मित्रों ने कहा कि शासन हमें जो काम देता है, उसे बखूबी निभाते हैं। प्रत्येक किसान मित्र को महीने में मात्र एक हजार रुपए मिलता है। वह भी समय पर नहीं मिलते। किसान मित्र संघ के जिला अध्यक्ष सहित सैकड़ों किसान मित्र ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनदर्शन में कलेक्टर से 22 माह से रुका मानदेय तत्काल मांगा। किसान मित्रों को प्रतिदिन 35 रुपए 33 पैसे प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता है।

जिले में कार्यरत है 342 किसान मित्र
किसान मित्र संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया की एक्सटेंशन रिकार्य (आत्मा) योजनांतर्गत कृषक मित्र की नियुक्ति की गई हैं। जिले में कुल 342 कृषक मित्र है। 2012 में नियुक्ति की गई थी। शुरुआत समय में हर माह मानदेय मिला। बाद में हर माह मानदेय देना बंद कर दिया। इतने कम मानदेय को भी समय पर नहीं देना दुर्भाग्यजनक है।

शासन की योजनाओं का प्रचार करना हैं मुख्य कार्य
किसान मित्रों ने कहा कि उनका कार्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग की हितग्राही मूलक योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना, किसान संगोष्ठी, फसल प्रदर्शन लगवाना, फसल बीमा कराना, नरवा, गरवा, घूरवा बाड़ी योजना एवं गौठान प्रबंधन में सहयोग करना, मृदा परीक्षण, जैविक खेती का प्रचार प्रसार करना है।