
बालोद . राज्य सरकार की महत्व पूर्ण योजना राजमाता विजयराजे कन्या विवाह योजना में जम कर गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद शासन-प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। मामले का खुलासा होने के बाद विभाग ने सक्रियता से जांच की है उसके बाद अब श्रम विभाग फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर इस योजना का लाभ लेने के प्रायस करने वाले 15 हितग्राहियों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
कार्रवाई की तैयारी पूरी
पत्रिका ने इस योजना में जमकर गड़बड़ी होने की आशंका पहले ही जाहिर कर दी थी। शासन-प्रशासन को दी गई जानकारी में पत्रिका की खबर सच निकली और जांच में भी पुष्टि हो गई कि इस योजना में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर इस योजना में कन्या के विवाह के लिए मिलने वाले 20 हजार की राशि का लाभ लेना चाह रहे थे, पर अब इन पर श्रम विभाग कार्रवाई की तैयारी पूरी कर लिया है।
योजना का लाभ लेने इस तरह जमा किए थे फर्जी दस्तावेज
गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम मडिय़ापार में एक मां ने इस योजना का लाभ पाने हद ही कर दी। बच्ची की मां हेमलता यादव ने अपनी 8 साल की बच्ची रीना का फर्जी शादी कार्ड बनवाया और आवेदन जमा किया, जिसमें लिखा गया कि 6 मई 2017 को उनकी शादी हुई है।
शादी कार्ड का फर्जी प्रिंटिंग करवाया
जब मामले की जांच हुई तो जांच अधिकारी रमेश मंडावी श्रम निरीक्षक ने गांव में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किरण साहू से पूछताछ की और ग्रामीणों से भी पूछताछ की, तो पता चला कि जिस शादी कार्ड में रीना का नाम लिखा था उसे फर्जी प्रिंटिंग करवाया गया है। इस शादी कार्ड में अपनी दोनों बेटियों की शादी होने का उल्लेख किया था, पर एक बेटी रीना 8 साल की निकली जो कक्षा तीसरी में पढ़ाई करती है। दूसरी बेटी लता यादव की शादी 6 मई 2017 को नहीं बल्कि 2016 में ही हो गई थी। यह महिला दोनों बेटी के नाम से 20-20 यानी 40 हजार रुपए इस योजना से निकालना चाह रही थी।
मामला पुलिस में देने की तैयारी में विभाग
इस मामले में जिन्होंने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ लेना चाह रहे थे ऐसे लोगों पर अब एफआईआर दर्ज कराने वाले हैं। श्रम विभाग ने अभी तक 15 प्रकरणों की सूची बनाई है। इसमें देवबती, रूप लाल, श्याम बिहारी, राम स्वरूप, हेमलता, गायत्री बाई, बिसमत बाई, अंजनी, ललिता सिन्हा व धनेश्वरी शामिल हैं। इन्ही लोगों के 15 प्रकरणों पर मामला दर्ज कराया जाएगा। सबसे ज्यादा 10 प्रकरण गुंडरदेही, डौंडी में 4 प्रकरण और बालोद में एक प्रकरण सामने आए हैं। इन मामलों का खुलासा श्रम निरक्षक के स्थल जांच निरीक्षण से हुआ।
आवेदनों की जांच की जा रही
श्रम अधिकारी बालोद अशोक चौरसिया ने कहा राजमाता विजयाराजे कन्या विवाह योजना अंतर्गत जितने आवेदन आए थे सभी की जांच की जा रही है। साथ ही फर्जी आवेदन देकर जमा कर योजना का लाभ लेने का प्रायस करने वाले 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया जाएगा जिसकी अनुमति जिला प्रशासन से मिल गई है। इसी सप्ताह सबंधित थाने को उक्त लोगों पर कार्रवाई करने फाइल सौंपी जाएगी।
Updated on:
17 Feb 2018 12:35 am
Published on:
17 Feb 2018 08:15 am
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