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पांच बार टेंडर विवादों में, छठवीं बार में आए 17 आवेदन, करोड़ों के विकास कार्य अटके

लगातार पांच बार से नगर पंचायत की टेंडर प्रक्रिया गड़बड़ी के कारण विवादों में रही। बाद में उसे निरस्त कर दिया गया।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Apr 11, 2018

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डौंडीलोहारा /बालोद . लगातार पांच बार से नगर पंचायत की टेंडर प्रक्रिया गड़बड़ी के कारण विवादों में रही। बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। अब छठवीं बार सीएमओ तरुण पाल लहरे ने 31 मार्च को 22 कार्यों के लिए 80 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। इसके लिए 17 ठेकेदारों ने आवेदन किया है।

करोड़ों के विकास कार्य अटके
हाईकोर्ट में लगे केस के कारण सीएमओ अनुपस्थित रहे। कोई भी तकनीकी अधिकारी भी नहीं था। इसलिए निचले कर्मचारियों ने ही कैमरे की निगरानी में आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की। पिछले पांच बार से एक भी टेंडर सफल नहीं होने से करोड़ों के विकास कार्य अटके पड़े हैं। यह सब संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने या रिश्तेदारों के लाइसेंस लगाकर खुद ठेका हासिल करने के कारण हो रहा है। तीन सालों से नगर विकास रुक गया है। इससे लोगों और पार्षदों में गुस्सा है।

इन लोगों ने किया आवेदन
नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अनुसार इस बार सीएमओ 80 लाख के टेंडर के लिए फॉर्म लेने महावीर कंस्ट्रक्शन डौंडीलोहारा, तनिष्का कंस्ट्रक्शन, शंकर चैनानी बालोद, धर्मेंद्र अग्रवाल बालोद, जयदीप गुप्ता दल्ली राजहरा, प्रणय जैन डौंडीलोहारा, अरिहंत डेवलोपर्स डौंडीलोहारा, गिरिजेश गुप्ता, दीपक चोपड़ा, ऊषा एसोसिएट डोंगरगढ़, कृष्णा ट्रेडर्स भिलाई, वीके अग्रसेन डोंगरगढ़, देवांगन कंस्ट्रक्शन देवरी, विनायक कंस्ट्रक्शन देवरी, गौरव इंटर प्राइसेस, जैन ट्रेडर्स व विशाल एजेंसी ने आवेदन किया।

3 साल से रुके पड़े है नगर विकास के कार्य
नगर पंचायत डौंडीलोहारा विवादित कार्यप्रणाली के कारण विवादों में बना हुआ है। इससे राशि मिलने के बाद भी करोड़ों के विकास कार्य अटके हैं। यह स्थिति तीन साल से बनी हुई है। विकास के हाशिये पर जाने के कारण नगरवासी खुद को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। नगरवासियों ने टेंडर में बार-बार गड़बड़ी करने वाले जिमेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अधूरे कार्यों में वार्डों के पार्षदों में भी नाराजगी है।

रिंग बनाने निकाय में मंडराते दिखे सेटिंगबाज
प्रदेश में निविदा प्रक्रिया में इतनी अनियमितता व गड़बड़ी की शिकायत कहीं नहीं आई जितनी 3 सालों से नगर पंचायत में सामने आई है। ठेकेदार रिंग बना कर काम हासिल करने के लिए निकया में मंडराते दिखे। वहीं सीएमओ विकास को गति देने लगातार टेंडर जारी कर रहे हैं। इस बार 80 लाख के टेंडर जारी किए गए हैं। सूत्रों की माने तो नगर में ही एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के कुछ लोग इस कार्य में लगे रहते हंै जिससे टेंडर विवाद हो रहा है। तरुण पाल लहरे, सीएमओ, नगर पंचायत डौंडीलोहारा हाईकोर्ट में केस होने के कारण और कार्यालय के काम से बिलासपुर आना पड़ा है। नगर पंचायत में 5 बजे तक 17 लोगों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।