
दुबचेरा में एक साथ उठी चार अर्थी : गांव में पहली बार ऐसा नजारा देख सभी की आंखें नम थी
बालोद. डौंडीलोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम दुबचेरा में एक साथ चार लोगों की अर्थी निकली तो पूरा गांव रो पड़ा। डौंडी विकासखंड स्थित ग्राम मरकाटोला के पास शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के करीब तेज रफ्तार ट्रक ने कार व मोटर साइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में 5 लोगों की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 5 मृतकों में से 4 लोग ग्राम दुबचेरा के निवासी है। शनिवार सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम कराकर शव गांव लाए गए। परिजनों को अंतिम दर्शन कराकर एक साथ चारों अर्थी उठी। पूरे गांव में मातम पसरा था। मुक्तिधाम में चारों की अर्थी सजी और दाह संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन व जनप्रतिनिधियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
शव घर में पहुंचते ही मच गई चीख पुकार
मृतकों के शव जैसे ही गांव में उनके घर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे तो पिता, मां, पत्नी, बच्चे समेत परिजन व ग्रामीण रोने लगे। गांव में चीख पुकार मच गई। किसी ने नहीं सोचा था कि इस तरह की घटना घटेगी।
सभी जा रहे थे नारायणपुर
मृतक हेमचंद, भूपेंद्र वैष्णव, लिखन देवांगन, जानवी व घायल परमेश्वर देवांगन सभी ग्राम दुबचेरा के निवासी है। परमेश्वर देवांगन कई वर्षों से नारायणपुर में रहते हैं। वहां एक मकान बना रहा है। मकान बनाने का ठेका गांव के ही एक व्यक्ति ने लिया है। होली पर्व मनाने सभी गांव आए थे। होली मनाने के बाद सभी वापस कार से नारयणपुर जा रहे थे। गांव के ठेकेदार के बेटे 27 वर्षीय लिखन देवांगन, काम करने वाले 29 वर्षीय हेमचंद देशमुख, 33 वर्षीय भूपेंद्र वैष्णव, 40 वर्षीय परमेश्वर देवांगन व उनकी 13 साल की बेटी जानवी भी कार में सवार थी। मरकाटोला के पास हादसा हो गया। परमेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गया और बाकी की मौत हो गई।
जाने मृतकों कि स्थिति
हेमचंद देशमुख : युवक की आने वाले साल में शादी की तैयारी चल रही थी। लड़की भी देख रहे थे। हेमचंद के 5 भाई हैं। वह तीसरे नंबर का भाई है। नारायणपुर में बन रहे मकान में कुली का काम करता था।
भूपेंद्र वैष्णव : उनकी शादी हो चुकी है। उसके दो बच्चे भी हैं। वह भी नारायणपुर में बन रहे मकान में काम करने जाता था। इस हादसे में माता- पिता व पत्नी एवं दो बच्चों से हमेशा के लिए साथ छूट गया।
लिखन देवांगन : उनकी भी शादी हो चुकी है। एक बच्चा है। उनके पिता ठेकेदार हैं। परमेश्वर ने नारायणपुर में बन रहे मकान का ठेका लिया है। जिसका काम उनका बेटा लिखन कर रहा था।
जानवी देवांगन : अपने माता-पिता के साथ नारायणपुर में रहती है। मूल निवास दुबचेरा है। होली मनाने अपने पिता के साथ गांव आई थी। होली मनाने के बाद कार में अपने पिता व अन्य के साथ नारायणपुर जा रही थी।
जिंदगी व मौत से जंग लड़ रहा परमेश्वर
जानवी के 40 वर्षीय पिता परमेश्वर इस घटना में गंभीर रूप से घायल हैं। वे जिंदगी व मौत के बीच लड़ाई लड़ रहे है। उनका इलाज रायपुर के एक अस्पताल में चल रहा है। स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मेरी बेटी क्यों बात नहीं करती... क्यों चुप हो गई
जानवी की मां अपनी बेटी के शव को देख बिलख पड़ी। वह कहती रही कि मेरी बेटी क्यों बात नहीं कर रही है, क्यों चुप है। बेटी को हमेशा खोने के गम में वह बेसुध हो गई।
गांव में पहली बार चार लोगों की अर्थी निकली
गांव के सोनू राम साहू, झग्गाराम गांव के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। उन्होंने बताया कि अपने जीवन काल में गांव में कभी एक साथ चार लोगों की अर्थी निकलते नहीं देखा। इस घटना से पूरा गांव सहमा हुआ है। बहुत दु:खद घटना है।
Published on:
11 Mar 2023 10:40 pm
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