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शासन ने रायल्टी पर्ची जारी नहीं की फिर भी नदी से रेत खनन और परिवहन हो रहा

डौंडी विकासखंड के ग्राम पंचायत पटेली में इन दिनों रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। रेत माफिया शासन को प्रतिमाह लाखों का चूना लगा रहे है। बावजूद इसके खनिज विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद है।

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शासन ने रायल्टी पर्ची जारी नहीं की फिर भी नदी से रेत खनन और परिवहन हो रहा

शासन ने रायल्टी पर्ची जारी नहीं की फिर भी नदी से रेत खनन और परिवहन हो रहा

बालोद/दल्लीराजहरा @ patrika. डौंडी विकासखंड के ग्राम पंचायत पटेली में इन दिनों रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। रेत माफिया शासन को प्रतिमाह लाखों का चूना लगा रहे है। बावजूद इसके खनिज विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद है। लोगों का कहना है कि रेत के अवैध उत्खनन के लिए लीज जारी किया जाए जिससे कि शासन को रायल्टी मिलेगी।

गांवों में खपाया जा रहा रेत
पटेली नदी से इन दिनों रेत माफिया रात 3 बजे से ही माल वाहक वाहनों ट्रक, टै्रक्टर से परिवहन शरू हो जाता है। आसपास केे ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया है कि पटेली स्थित नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर प्रतिदिन 150 से अधिक वाहनोंं मेंं रेत डौंडी, दल्लीराजहरा सहित आसपास के गांवों में खपाया जा रहा है। रेत के अवैध उत्खनन मेें जिला खनिज विभाग की मिलीभगत है।

जिले में रेत उत्खनन पर पाबंदी
बात दें कि कलक्टर ने जिले में रेत उत्खनन को अवैध ठहराते हुए पाबंदी लगा दी है। कलक्टर के आदेश का पालन केवल कागजों में हो रहा है। अवैध खनन मामले मेंं खनिज विभाग बेपरवाह नजर आ रहा है। पटेली स्थित नदी से रेत उत्खनन के लिए शासन द्वारा लीज जारी कर अनुमति ही नहीं दी गई है। यह भी पता चला है कि शासन द्वारा बिना रायल्टी के रेत परिवहन को बढ़ता देख कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने पंचायत क्षेत्र से रेत को ले जाने के एवज में ग्राम विकास के नाम पर राशि वसूलकर परिवहन को छूट दे रहे हैं। जिसमें कुछ ग्रामीणों द्वारा ट्रक से 350रुपए, ट्रैक्टर से 300 रुपए, एवं पिकअप वाहन से 250 रुपए लिया जा रहा है।

बोरगांव एवं चिखली के रास्ते से परिवहन
रेत माफिया बोरगांव एवं चिखली के रास्ते से होकर डौंडी व दल्लीराजहरा के अलावा आसपास गांवों में खपाया जा रहा है। ट्रक में रेत पहुंचाने के बदले में 4000 रुपए, टै्रक्टर मेें 3000 से 3200 रुपए एवं पिकअप वाहन मेंं रेत के बदले 2500 रुपए मुनाफा अर्जित कर रहे हैंैं।

जिला खनिज विभाग की मिलीभगत से ही यह संभव
इस मामले में लोगों का कहना है कि जिला खनिज विभाग के अधिकारियों की रेत माफियाओं से बिना मिलीभगत के यह सब संभव नहीं है, उनकी मिलीभगत व सहमति के बिना रेत का इतने बड़े पैमाने पर प्रतिदिन अवैध उत्खनन व परिवहन हो ही नहीं सकता तभी तो यह अवैध करोबार बिना किसी रोक टोक के लंबे अरसे से फल फूल रहा है। जब कभी किसी अखबारों मेंं अवैध उत्खनन व परिवहन की खबरें आती है तो खनिज अधिकारियों द्वारा एक दो वाहनों को पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाती है। उसके बाद रेत परिवहन फिर शुरू हो जाता है।

शासन-प्रशासन द्वारा कोई रोक टोक नहीं
अभी जिले में सभी जगह रायल्टी बंद है फिर ग्राम पटेली से इतनी मात्रा मेंं रेत का अवैध परिवहन पर शासन-प्रशासन द्वारा कोई रोक टोक न होना समझ से परे है। इस तरह से रेत माफिया द्वारा रेत का अवैध कारोबार कर शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है जिस पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो गया है। लोगों कहना है कि जिले में रेत उत्खनन के लिए शासन द्वारा लीज जारी कर परिवहन कराया जाए जिससे शासन को रायल्टी का लाखों रुपएप्राप्त होगा। इसी तरह रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन पूर्णत: बंद कराने उत्खनन स्थलों पर विभागीय नजर के साथ साथ सड़कों पर वाहनों को रोककर जांचकर रेत परिवहन करने पर कार्रवाई की जाए।