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करहीभदर समिति में 96 क्विंटल धान का शॉर्टेज

बालोद विकासखंड अंतर्गत ग्राम करहीभदर के सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र में लगभग 96 क्विंटल धान शार्टेज होने की खबर से हड़कंप मच गया है।

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paddy

बालोद. विकासखंड अंतर्गत ग्राम करहीभदर के सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र में लगभग 96 क्विंटल धान शार्टेज होने की खबर से हड़कंप मच गया है। शॉर्टेज की वजह से समिति लाखों रुपए के नुकसान में जाती दिख रही है।

करहीभदर में 25 जनवरी तक 41754 क्विंटल खरीदी
उल्लेखनीय है की राज्यभर में 15 नवंबर 2017 धान खरीदी की शुरुआत हुई थी। धान उपार्जन केंद्र करहीभदर में 25 जनवरी तक 41 हजार 754 क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिसमें 27 हजार 900 क्विंटल धान मिल को और 12 हजार 456 क्ंिवटल संग्रहण केंद्र में जारी किया गया है। वर्तमान में 1397 क्विंटल का स्टॉक उपार्जन केंद्र में उपलब्ध बताया जा रहा हैं, जिसमें लगभग 100 क्विंटल धान शार्टेज होने की बात सामने आ रही है।

समिति प्रबंधन और अध्यक्ष ने स्वीकारा शॉर्टेज
समिति प्रबंधक वीरेंद्र ठाकुर और समिति अध्यक्ष पुरानिक साहू ने 96 क्विंटल धान शार्टेज होने की बात को स्वीकारी है। समिति अध्यक्ष पुरानिक साहू ने बताया की धान की तौलने से लेकर सिलाई, धान की छल्ली और धान को उठाने तक का पूरा ठेका सोरर निवासी खिलावन सिन्हा को दिया गया है, जबकि समिति में धान खरीदी से लेकर धान के उठाव तक की जिम्मेदारी प्रबंधक, अध्यक्ष व संचालक मंडल की होती हैं। इस गंभीर मामले में प्रबंधक वीरेंद्र ठाकुर और समिति अध्यक्ष पुरानिक साहू गोलमटोल जवाब दे रहे हैं।

देखरेख के अभाव में हुआ शॉर्टेज
अभी तक जिले में किसी भी उपार्जन केंद्रों से शार्टेज की खबरें नहीं आई है। समिति प्रबंधक ठाकुर ने बताया की 15 नवम्बर 2017 से धान खरीदी की शुरुआत हुई, और परिवहन 21 दिसंबर 2017 से चालू हुआ। इस बीच उपार्जन केंद्र में 14168.80 क्विंटल धान का स्टॉक पड़ा रहा। प्रबंधक का कहना है की देखरेख के अभाव में धान शार्टेज हो सकता है।

शार्टेज के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा
मिली जानकारी अनुसार, धान शार्टेज बताकर लाखो रुपए का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। 98 क्विंटल धान शार्टेज की बात स्वयं समिति अध्यक्ष ने स्वीकार की है। बताया जाता है की ठेकेदार की आड़ में समिति के जिम्मेदारों ने धान किसी व्यापारी को बेचा है, अगर समिति में आए धान की और राशि का मिलान किया जाए तो लाखों रुपए के घोटाले सामने आएगा।

बारदाने को दे रहे दोष
अध्यक्ष पुरानिक साहू ने बताया की कई बारदाने फटे हैं, किसी को चूहे ने उधेड़ दियाहै, जिसके चलते बारदाना का भी नुकसान हुआ है। जबकि प्रबधंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डेमेज एवं सीपेज बारदानों की संख्या उपार्जन केंद्र में शून्य है।

मामले की जांच की जाएगी
नोडल अधिकारी ललित हरदेल ने कहा मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धान का इतना शार्टेज नहीं होना चाहिए। हमें शून्य की स्थिति दिखलानी है।