
ब्लैक और रेड राइस का जैविक उत्पादन करते हैं किसान।
बालोद . कृषि विभाग (Agriculture Department) किसानों को जैविक खेती करने प्रोत्साहित कर रहा है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ही जैविक खेती करने वाले किसानों को गुमराह कर रहे हैं। इससे नाराज किसान व कृषि अधिकारी के बीच कृषि विभाग कार्यालय में ही जमकर बहस हो गई। किसान ने कृषि अधिकारी से कहा कि सालभर से घुमा रहे हो कब रशि का भुगतान करोगे, यह बताएं। गुरुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सनोद के प्रगतिशील किसान ध्रुव राम साहू व कोमल राम साहू 5 साल से जैविक खेती कर रहे हैं। दोनों किसानों से कृषि विभाग ने जून 2020 में 62 क्विंटल से अधिक ब्लैक राइस का बीज मंगाया। बीज लेने के बाद कृषि विभाग जल्द भुगतान करने की बात कहकर सालभर से गुमराह कर रहा है। कृषि विभाग को कुल 3 लाख 76 हजार 200 रुपए का भुगतान करना है। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक किसान के खाते में एक रुपए भी नहीं डाला गया। वहीं कृषि अधिकारी ने कहा कि सरकारी नियम व प्रक्रिया पूर्ण करने के कारण विलंब हुआ। हम नियम के तहत ही भुगतान करेंगे। जल्द पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
6 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया बीज
पीडि़त किसान ध्रुव राम साहू व कोमल राम साहू ही जैविक पद्धति से ही काले चावल की खेती करते हैं। इनकी मेहनत देखकर कृषि विभाग ने 62 क्विंटल 70 किलो ब्लैक रॉइस का बीज मंगाया था। जिसकी कीमत 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 3 लाख 76 हजार रुपए होता है। भुगतान उनके खाते में करने की बात कही गई थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं 2021 में भी 2 क्विंटल काले चावल का बीज कांकेर ले जाने कृषि विभाग ने मंगाया, उसका भी भुगतान नहीं किया। किसान ने बताया कि प्रति क्विंटल 6 हजार रुपए की दर से बीज दिया था।
अफसरों की बातों को माना, अब भुगत रहे
पीडि़त किसान ध्रुव राम व कोमल राम ने बताया कि कृषि विभाग की बातों को मानकर हम लंबे समय तक इंतजार करते रहे। लेकिन भुगतान नहीं हुआ तो कृषि अधिकारी से संपर्क किया, फिर भी कुछ नहीं हुआ। आज कल का समय देते रहे। शुक्रवार के दोपहर की स्थिति में एक रुपए खाते में नहीं डाला गया है।
आस्ट्रेलिया तक ब्लैक व रेड राइस की मांग
सनोद के किसान ध्रुव राम साहू व कोमल राम साहू जिले के प्रगतिशील किसान हैं। पांच साल से बिना रासायनिक खाद के उपयोग से खेती कर रहे हैं। इनके उत्पादित ब्लैक व रेड राइस की मांग आस्ट्रेलिया तक है। वहीं ये किसान अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बने हुए हैं। इन किसानों को विभाग के कारण परेशान होना पड़ रहा है।
ऐसे में जैविक खेती कैसे करेंगे किसान
पीडि़त किसान ने कहा कि किसानों के साथ इस तरह का रवैया रहेगा तो कैसे चलेगा। विभाग किसानों को कहता है कि जैविक कृषि के लिए आगे आएं। जब जैविक कृषि कर रहे हैं तो इस तरह की लेटलतीफी भी ठीक नहीं है। घर में रुपए की जरूरत है। सालभर से राशि भुगतान का इंतजार कर रहे है।
विलंब जरूर हुआ, अब भुगतान करवा रहे हैं
कृषि उप संचालक बालोद नागेश्वर पांडे ने बताया कि किसान से बीज लिया था। सरकारी प्रक्रिया के कारण भुगतान में विलंब जरूर हुआ। लेकिन अब भुगतान शुरू कर दिया है। मुझे लगता है कि शुक्रवार शाम की स्थिति में कुछ राशि डाल दी गई होगी।
Published on:
11 Mar 2022 11:26 pm
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