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सुनने में अटपटा लगे, लेकिन पड़ोसी के पानी को अब हम खरखरा में सहेंजेगे गर्मियों के लिए

पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की ओर से बारिश के दौरान आने वाले पानी को जिले में सहेजने की शासन ने नई योजना बनाई है।
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बालोद

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Dakshi Sahu

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Updated: 30 Nov 2017, 1:23 PM IST

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बालोद. पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की ओर से बारिश के दौरान आने वाले पानी को जिले में सहेजने की शासन ने नई योजना बनाई है। सिंचाई विभाग की ओर से तैयार किए गए खाके में जिले के खरखरा जलाशय में पानी को लाकर सहेजा जाएगा। यह बात सुनने में जरूर अटपटा लग रहा होगा, पर यह सच है, क्योंकि राज्य शासन जल संचय के लिए एक बड़ी पहल करने जा रहा है।

इस योजना में राजनांदगांव जिले के मोंगरा जलाशय से खरखरा जलाशय तक नहर लाइनिंग का निर्माण करने की योजना है, जिसके लिए शासन ने सिंचाई विभाग को सर्वे करने का आदेश भी दे दिया है। इधर आदेश के बाद अब सिंचाई विभाग सर्वे की तैयारी में लग गया है। अगर नहर लाइनिंग का कम पूरा हो जाए तो डौंडीलोहारा व राजनादगांव क्षेत्र के किसानों की फसल सिंचाई के लिए बड़ी सुविधा होगी। वहीं राजनांदगांव की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। इससे बड़ा लाभ ये होगा कि दोनों जिले के रहवासियों को पीने व खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

मिली जानकारी के मुताबिक शासन द्वारा इस योजना को जल संचय के लिए बनाया गया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक राज्य शासन ने 2017-18 के बजट में भी इस योजना को उल्लेखित किया है और स्वीकृति दी है। बजट में आने के बाद अब सिंचाई विभाग को शासन से पत्र भी आ गया है कि मोंगरा नहर लाइनिंग का सर्वे किया जाए। जानकारी के मुताबिक खरखरा जलाशय से राजनांदगांव जिले के मोंगरा जलाशय तक लगभग 50 किमी नहर लाइनिंग करने की योजना बनाई है इसी को देखते हुए अब सर्वे भी किया जाना है।

सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बारिश के दिनों में पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में बारिश के पानी से राजनांदगांव के डोंगरगांव स्थित मोंगरा जलाशय जल्दी भर जाता है, क्योंकि पड़ोसी राज्य में होने वाली बारिश का पानी नदी-नाले से होकर इसी जलाशय में आता है और ज्यादा बारिश होने पर तो जल्दी ही यह जलाशय भर जाता है। जलाशय भरने के बाद जलाशय में बढ़ते दबाव को देखते हुए मजबूरी में जलाशय से पानी शीवनाथ नदी में छोड़ दिया जाता है जिससे पानी व्यर्थ नदी में बहता है। उनका उपयोग नहीं हो पाता। बता दें कि जलाशय भर जाने के बाद तो महीनों तक शिवनाथ नदी में पानी व्यर्थ बहते रहता है।

अगर मोंगरा से खरखरा जलाशय तक नहर लाइनिंग का काम शुरू हो जाए व बन जाए, तो पानी शिवनाथ नदी में व्यर्थ नहीं बहेगा, बल्कि पानी मोंगरा जलाशय से सीधे नहर लाइनिंग के माध्यम से खरखरा जलाशय में आएगा और पानी भरेगा। यही नहीं अगर खरखरा जलाशय में ज्यादा पानी भर जाने पर पानी को खरखरा जलाशय से जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला जलाशय में भी लाया जा सकता है इससे पानी का उपयोग का सदुपयोग होगा।

सर्वे की तैयारी में जुटा सिंचाई विभाग
इधर आदेश के बाद अब जिला सिंचाई विभाग खरखरा जलाशय क्षेत्र के सिंचाई विभाग से चर्चा भी शुरू कर दी है। सर्वे की तैयारी भी जानकारी के मुताबिक इसके लिए सिंचाई विभाग पहले अपने अधिकारियों की बैठक लेंगे और मोंगरा से खरखरा जलाशय नहर लाइनिंग की तैयारी करेंगे। ईई सिंचाई विभाग बालोद एसके टीकम ने बताया कि शासन से मोंगरा-खरखरा नहर लाइनिंग के लिए सर्वे करने का आदेश आया है। इस पर विभाग स्तर पर चर्चा की जा रही है।