
जिले में पहली बार बालवाड़ी के अंतर्गत पढ़ाई कराई जा रही है।
बालोद. स्कूल शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति के तहत जिले में 65 स्कूलों में बालवाड़ी बनाई है। बालवाड़ी योजना अंतर्गत चार से छह वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जा रहा है। जिले में शिक्षा विभाग जाबो बालवाड़ी बढ़ाबो शिक्षा के गाड़ी की थीम पर बालवाड़ी में बच्चों को पढ़ा रहा है। जिले में पहली बार बालवाड़ी के अंतर्गत पढ़ाई कराई जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार बघेल ने बताया कि बालवाड़ी योजना के माध्यम से बच्चे सीखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्हें स्कूल के माहौल के लिए तैयार किया जा सकेगा। हर बालवाड़ी में आंगनबाड़ी सहायिका के अतिरिक्त संबद्ध प्राथमिक शाला के एक सहायक शिक्षक को भी तैनात किया जाएगा। इसके लिए सहायक शिक्षक को हर माह 500 रुपए का अतिरिक्त मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
बालवाड़ी के अंतर्गत सवरेंगे स्कूल
वर्तमान में शासन के आदेश व शासन से चयनित स्कूलों में बालवाड़ी के अंतर्गत पढ़ाई चल रही है। बालवाड़ी के अंतर्गत रंग-रोगन नहीं हुआ है। जल्द रंग रोगन का कार्य कर नए कुर्सी-टेबल की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने प्रत्येक बालवाड़ी के लिए बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, खेल सामग्री एवं प्रिंटरीच रंग-रोगन के लिए एक लाख रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।
किस ब्लॉक में कितनी बालवाड़ी
ब्लॉक - बालवाड़ी
बालोद -12
डौंडी -11
डौंडीलोहारा -17
गुंडरदेही -15
गुरुर -10
कुल -65
खेल-खेल में हो रही है पढ़ाई
जिला शिक्षा विभाग के मुताबिक बालवाड़ी योजना के अंतर्गत शासन ने अपने स्तर पर स्कूलों का चयन किया है। चयनित 65 स्कूलों के 65 सहायक शिक्षकों को पांच दिन की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है। अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई करा रहे हैं।
बच्चों का होगा मानसिक, शारीरिक व बौद्धिक विकास
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल ने बताया कि बालवाड़ी योजना का उद्देश्य बच्चों के मानसिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं संज्ञानात्मक विकास करना है। एक शिक्षण-सेतु के तौर पर कार्य करेगी ताकि 4 से 6 वर्ष के बच्चे पहली कक्षा में जाएं तो वह पूरी तरह तैयार हो चुके हों। यह योजना सफल होने पर जिले में चरणबद्ध बालवाडिय़ां खोली जा सकती हैं।
Published on:
08 Sept 2022 09:30 pm
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