
तहसील का नाम देवरीबंगला करने बरसते पानी में ग्रामीणों ने किया चक्काजामदेर शाम तक डटे
बालोद/देवरीबंगला. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को वर्चुअल मार्रीबंगला देवरी को उपतहसील से जिले की सातवीं तहसील का देते हुए लोकार्पण किया। एक तरफ लोकार्पण का दौर चल रहा था, दूसरी ओर देवरीबंगला के ग्रामीण दोपहर एक बजे सड़क पर बैठकर बरसते पानी के बीच आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि मार्रीबंगला-देवरी नहीं बल्कि देवरीबंगला के नाम से तहसील जानी जाए। इस नई तहसील में कुल 96 गांव आएंगे। वहीं लोगों को 14 किमी दूर डौंडीलोहारा नहीं जाना पड़ेगा। तहसील स्तरीय पूरा काम यहीं होगा।
इस कारण ग्रामीणों ने किया आंदोलन
मध्यप्रदेश के समय 1999 में देवरीबंगला में उप तहसील खोलने आदेश जारी हुआ था। उसी समय एक अन्य आदेश मार्रीबंगला (देवरी) के नाम से भी जारी हुआ था। ग्रामीण टुकेश्वर देवांगन एवं जालम ठाकुर ने बताया कि उसी आदेश के तहत उप तहसील देवरीबंगला के भवन निर्माण के लिए 26.57 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। इसका भूमिपूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था। उपसरपंच मनोज देवांगन ने बताया कि शासन के आदेश के तहत देवरीबंगला तहसील के लिए 13 अधिकारी-कर्मचारियों की स्थापना की गई है। इसके बाद भी दूसरे गांव के नाम से खोलना न्यायोचित नहीं है।
सभी सुविधाएं हैं देवरीबंगला में
ग्राम पटेल प्रेमलाल साहू व सतीश सिंह ने बताया कि जहां वर्तमान में पूर्ण तहसील खोली जा रही है, उस गांव में शासकीय स्कूल व ग्राम पंचायत के अलावा कोई शासकीय कार्यालय नहीं है। दूसरी ओर देवरीबंगला में पुलिस थाना, पटवारी हल्का, राजस्व निरीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोस्ट ऑफिस, पशु औषधालय, तीन बैंक, नलकूप निर्माण इकाई, धान खरीदी केंद्र सहित सभी शासकीय कार्यालय एवं सुविधाएं है।
संसदीय सचिव ने ली थी बैठक
संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने दोनों गांव के प्रमुख लोगों को बैठा कर तय किया था कि पूर्ण तहसील का नाम देवरी मार्री होगा। मुख्यमंत्री से भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भी विवाद को देखते हुए पूर्ण तहसील की घोषणा रोक दी गई थी। मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन में देवरीबंगला की सरपंच को भी आमंत्रित नहीं किया गया। इससे भी ग्रामीणों में आक्रोश है। महिलाओं समेत ग्रामीण चक्काजाम कर शाम तक बैठे हुए हैं।
अस्तित्व में आई सातवीं तहसील
कुल जनसंख्या -1 लाख 03 हजार 808
ग्राम पंचायत -67
गांव - 96
पटवारी हल्का 30
राजस्व क्षेत्रफल-37978
तहसील - देवरी व सुरेगांव थाना, पिनकापार व संजारी चौकी भी आएंगे
तहसील में आएंगे ये 96 गांव
देवरी, महाराजपुर, पिनकापार, फुलसुंदरी, खामभाट, खामतराई, गणेश खपरी, कुआगांव, सम्बलपुर, कन्याडबरी, कोलियारा, गिधवा, बोईरडीह, रानीतराई, जेवरतला, बहेराभाटा, नाहंदा, पीपरखार, खपराभाट, मार्री, गहिरा नवागांव, खैरा, भरदा ट, टटेंगा, औरी, कसही, सुरसुली, गांधरी, हरदी, सिर्राभाटा, मुजगहन, बोईरडीह, चेंदरीबन नवागांव, मुडख़ुसरा, भीमकन्हार, गारका, कोसमी, आलीखंूटा, परसाडीह, रींवागहन, अछोली, परसुली, पसौद, खेरथा, आतरगांव, आसरा, संजारी, बर्रापारा, गंजईडीह, धुमादाह, सहगांव, राणाखुज्जी, भरनाभाट, डुमरघुचा, आलीवारा, मनकी, राघोनवागांव, साल्हे, मड़वापथरा, बेंदरचुवा, सिरपुर, कापसी, सोरली, खैरीडीह बुंदेली, पापरा, बोरी, कसहीकला, अहिबरन नवागांव, फरदडीह, डेंगरापार, घीना, गड़ईनडीह, मुडिय़ा, हथौद, भेड़ी, शिकारीटोला, हडग़हन, भुरकाभाट, तेलीटोला, भेड़ी, सुरेगांव, किसना, रानीतराई, झिटिया, गोडमरी, सिंगारपुर, बीजाभाटा, भालुकोन्हा, केंवट नवागांव, परसाडीह, भंडेरा, फरदफोड़ शामिल हैं।
Published on:
17 Oct 2022 09:38 pm
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
