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मानसून रूठा, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

मानसून को लेकर मौसम विभाग के सारे दावे फेल हो गए हैं। जून माह के चौथे सप्ताह में भी तेज गर्मी और उमस से लोगों को हलकान होना पड़ रहा है। बारिश नहीं होने से सबसे ज्यादा किसान चिंतित हैं।

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Troubled farmer

मानसून रूठा, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

बालोद. मानसून को लेकर मौसम विभाग के सारे दावे फेल हो गए हैं। जून माह के चौथे सप्ताह में भी तेज गर्मी और उमस से लोगों को हलकान होना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कहा था कि 10 जून तक मानसून सक्रिय हो जाने का पूर्वानुमान है। यह माह बीतने को है, पर अभी तक अच्छी बारिश जिले में नहीं हुई है, जिससे सबसे ज्यादा किसान चिंतित हैं। उनकी आशंका पिछले साल की तरह स्थिति न बन जाए इस ओर है, क्योंकि पिछले साल की अपेक्षा इस समय तक 10 प्रतिशत कम बोवनी हो पाई है।

सूरज बरपा रहा कहर
बालोद क्षेत्र में इस माह केवल दो दिनों ही तेज बारिश हो पाई है, इसके बाद कुछ नमी का माहौल जरूर बना था, लेकिन बाद की स्थिति चिंता में डाल दिया है। लोग आसमान की ओर ताक रहे हैं। लगातार गर्मी पडऩे के कारण जमीन का पानी सूख गया है। अब स्थिति यह है कि ऊपर सूरज कहर बरपा रहा है, तो दूसरी ओर जमीन के नीचे से उमस ने गर्मी और बढ़ा दी है। गर्मी और उमस से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। इस मौसम में तो घरों का कूलर भी काम नहीं आ रहा।

मानसून की बेरुखी ने किसानों की उड़ाई नींद
कहा जाए अब तक की स्थिति में मानसून की बेरुखी से किसानों की नींद उड़ी हुई है। पिछले दो सप्ताह में अंचल में ठीक से बारिश ही नहीं हुई है इससे किसानों की बोवनी पिछड़ गई है। अगर कुछ दिनों में और बारिश नहीं होती है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि कई किसान मानसून आ गई सोचकर खेतों में धान बोआई के लिए जुताई करवा चुके हैं, तो कई किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उनकी चिंता बढ़ गई है।

कृषि विभाग की सलाह बारिश व जमीन में नमी हो तभी करें बोआई
बारिश को देरी से कृषि विभाग भी चिंतित हैं। वे किसानों को सलाह दिए हैं कि वे बारिश हों और जमीन पर नमी आ जाए तभी बुआई करें। कृषि अधिकारी यशवंत केराम ने बताया जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन हैं वह किसान अपने खेतों में नर्सरी तैयार कर सकते हैं, पर खुर्रा बोआई के लिए बारिश का इंतजार करना होगा। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी जमीन पोली नहीं हुई है। अच्छी बारिश होगी तभी किसानी के लिए अच्छा रहेगा। पिछले साल इस समय तक लगभग 45 प्रतिशत तक बोआई हो चुकी थी, पर इस बार 35 प्रतिशत खेतों में ही बोआई हो पाई है।

IMAGE CREDIT: balod patrika

कुछ घंटों का इंतजार फिर होगी झमाझम
मानसून तो सही समय पर आया पर बीच में ब्रेक होने के बाद लौटने में काफी देर हो गई। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से अब मजबूत सिस्टम बन चुका है। जिससे हवा में नमी आ गई है। बुधवार से अच्छी बारिश के आसार है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो अब मानसून के अनुकूल सिस्टम तैयार हो गया है। जल्द ही पूरे छत्तीसगढ़ में बादल खूब बरसेंगे। हालांकि उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों में बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन दुर्ग और रायपुर संभाग में अभी भी बारिश दूर है।

उमस से बुरा हाल
हवा में नमी कम होने और पश्चिमी हवा की वजह से एक बार फिर शहर का बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिनभर उमस से लोग परेशान रहे। हालांकि रात 8 बजे के बाद छाए बादल और ठंडी हवा से उमस से थोड़ी राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक एसयू नंदनवार ने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून के आने की घोषणा नहीं की गई है। पर अगले 24 घंटे में मौसम विज्ञान केन्द्र से इसकी घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस बार मानसून देर से आ रहा है,लेकिन इससे बारिश में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।

अभी रुककर करें बोआई
कृषि वैज्ञानिक एसके पटेल ने कहा कि कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद जिन्होंने बोआई कर दी और उनके यहां अंकुरण हो चुका है, बारिश नहीं होने की वजह से उनके बीज खराब होने की संभावना ज्यादा है। इसलिए अभी जिन्होंने बोआई नहीं की है वे कुछ दिन और ठहर जाएं। बारिश होने के बाद ही बीज डालें।