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CG News: ढेंस की खेती से कम लागत में अधिक लाभ, एक एकड़ में हो रही 50 हजार की आमदनी

CG News: कृषकों ने डेंस की खेती करना बेहतर समझा। गांव में लगभग 30 एकड़ में किसानों ने डेंस की खेती शुरू की। किसान बताते हैं कि इसमें धान की फसल से लागत कम है।

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बालोद

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Love Sonkar

Apr 30, 2025

CG News: ढेंस की खेती से कम लागत में अधिक लाभ, एक एकड़ में हो रही 50 हजार की आमदनी

CG News: जिले के ग्राम पड़कीभाट के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर अपने खेतों में ढेंस की खेती कर रहे हैं। कम लागत में अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन धान पर सरकार ने रोक लगा दी है। ऐसे में कृषकों ने डेंस की खेती करना बेहतर समझा। गांव में लगभग 30 एकड़ में किसानों ने डेंस की खेती शुरू की। किसान बताते हैं कि इसमें धान की फसल से लागत कम है। पानी भी कम लगता है। मुनाफा 50 प्रतिशत ज्यादा होता है। यहां की ढेंस बालोद के अलावा बस्तर, राजनांदगांव और धमतरी जैसे सीमावर्ती जिलों में सप्लाई की जा रही है।

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ढेंस उत्पादक राजकुमार यादव, संतोष यादव ने बताया कि धान की फसल को केवल दो बार ही ले सकते हैं, जबकि इस फसल को तीन से चार बार आसानी से लिया जा सकता है। यह फसल तीन से चार माह में ही तैयार हो जाती है। एक एकड़ में 50 हजार की आमदनी हो जाती है। धान की तुलना में इस खेती में ज्यादा नुकसान और लागत की स्थिति निर्मित नहीं होती, सिर्फ कीचड़ में काम करने की आदत डालनी होती है।

कुछ किसान अभी काट रहे अपनी फसल

किसान चंद्रलाल निषाद ने बताया कि गांव के कुछ किसान अपनी फसलों को बाजार के लिए निकल रहे हैं और उन्हें सप्लाई करने की तैयारी कर रहे हैं। यदि घर में काम करने वाले हो तो यह बेहतर फसल है। पानी भी कम लगता है। मेरे पास पानी का साधन नहीं था तो मैंने इस व्यवसाय को चुना और खुश हूं। जहां अच्छी कीमत मिलती है, वहां फसल भेजता हूं। हमारे गांव में बहुत से ऐसे लोगों ने इस खेती को अपनाया है।

किसान राज कुमार यादव ने बताया किसान ढैंचा (ढेंस) की खेती अपना रहे हैं। ढैंचा एक हरी खाद फसल है, जो खेतों में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि होती है। यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और इसे सामान्य तरीके से उगाई जा सकती है।

फूल से लेकर जड़ तक सभी उपयोगी

किसान संतोष यादव ने बताया कि ढेंस के पौधे का कोई भी हिस्सा व्यर्थ नहीं जाता। ढेंस के फूल से लेकर जड़ तक सभी उपयोगी है। ढेंस में उत्पादित होने वाला इसका फल (पोखरा) भी मार्केट में बिकता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद है। लोग इसे शौक से खाते हैं। ढेंस की सब्जी खाने वाले को बाजार में इसका इंतजार रहता है। ढेंस के फूल को कमल फूल के नाम से जाना जाता है। दिवाली एवं देवउठनी पर्व में इसका विशेष महत्व होता है, इसके चलते लोग इसे हाथों-हाथ खरीदते हैं।