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नान ने शक्कर का नहीं किया उठाव, 600 गन्ना किसानों का भुगतान रुका

बालोद जिले के एकमात्र दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना उत्पादक किसानों के भुगतान में देरी हो रही है। लगभग 600 किसानों को बेचे गए गन्ने के बदले लगभग 6 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना बाकी है। फंड की कमी को भुगतान में देरी का मुख्य कारण बताया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम […]

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दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना उत्पादक किसानों के भुगतान में देरी हो रही है। लगभग 600 किसानों को बेचे गए गन्ने के बदले लगभग 6 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना बाकी है।

बालोद जिले के एकमात्र दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना उत्पादक किसानों के भुगतान में देरी हो रही है। लगभग 600 किसानों को बेचे गए गन्ने के बदले लगभग 6 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना बाकी है। फंड की कमी को भुगतान में देरी का मुख्य कारण बताया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने अभी तक इस माह का शक्कर उठाव कारखाना से नहीं किया है, जिसके कारण राशि कारखाने को प्राप्त नहीं हुई है। कारखाना प्रबंधन को नान से राशि मिलने के बाद ही किसानों को भुगतान किया जाएगा।

किसानों ने जताई चिंता

किसानों ने इस देरी पर चिंता व्यक्त की है और जल्द भुगतान की मांग की है, क्योंकि उन्हें राशि की आवश्यकता है। कुछ वर्षों से भुगतान में देरी की यह स्थिति बनी हुई है, जिससे किसान परेशान हैं। अब गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या में भी कमी आ रही है। शक्कर कारखाना के मुताबिक बीते समय में 762 किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

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गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

कृषि विभाग और शक्कर कारखाना प्रबंधन के अनुसार, आने वाले समय में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। जिला प्रशासन गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बीते साल से अनुदान प्रदान कर रहा है। इसमें गन्ना बीज की कीमत पांच रुपए से घटाकर एक रुपए कर दी गई है। खेत तैयार करने के लिए प्रति एकड़ 2000 रुपए का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है। अन्य अनुदान भी किसानों को दिए जा रहे हैं। अभी तक 378 किसानों ने 303 हेक्टेयर में गन्ना लेने की सहमति दी है।

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फैक्ट फाइल

कुल गन्ना खरीदी - 36,718 मीट्रिक टन
गन्ना पेराई - 376,718 मीट्रिक टन
शक्कर उत्पादन - लगभग 37,500 क्विंटल
गन्ना खरीदी राशि - 12.8 करोड़ रुपए
भुगतान राशि - 6 करोड़ रुपए
गन्ना बेचने वाले कृषक - 762

धान की तरह गन्ना किसानों को करें भुगतान

जिले के गन्ना उत्पादक किसानों ने धान किसानों की तर्ज पर त्वरित भुगतान की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी के बाद कुछ ही दिनों में किसानों के खाते में पूरी राशि आ जाती है, जबकि गन्ना किसानों को भुगतान के लिए एक-दो माह तक इंतजार करना पड़ता है।

गन्ना किसानों के लिए भी बनाएं योजना

गन्ना किसान सुभाष साहू, रोहित साहू और जयंत साहू ने इस असमानता पर सवाल उठाते हुए मांग की कि गन्ना किसानों के लिए भी ऐसी योजना बनाई जाए, जिससे गन्ना बेचने के कुछ ही दिनों में उन्हें भुगतान मिल सके। प्रोत्साहन के अभाव में जिले में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे जिले के एकमात्र सहकारी शक्कर कारखाना पर भी खतरा मंडरा रहा है।

गन्ना किसानों को भी दें सुविधाएं

जिला गन्ना उत्पादक किसान संघ के संरक्षक छगन देशमुख ने कहा कि प्रशासन को गन्ना के प्रति किसानों को सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की उपेक्षा की गई, तो वे गन्ना उत्पादन के प्रति आगे नहीं आएंगे।

जल्द भुगतान किया जाएगा

इस संबंध में दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना के जिला अधिकारी राजेंद्र प्रसाद राठिया ने कहा कि बचे किसानों को बेचे गए गन्ने का भुगतान जल्द ही किया जाएगा।