
जिला अस्पताल
बालोद. जिला अस्पताल में लगभग एक साल से निश्चेतना रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके कारण कई जरूरी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। कहा जाए कि जिला अस्पताल रेफर सेंटर बन गया है। हालांकि यहां निजी अस्पताल के निश्चेतना रोग विशेषज्ञ की सहायता ली जा रही है, वे भी समय मिलने पर समय दे रहे हैं। जिला अस्पताल में एक नियमित निश्चेतना रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता महसूस है, लेकिन जिला प्रशासन ने कभी ध्यान दिया और न ही स्वास्थ्य विभाग ने।
अधिकतर केस राजनांदगांव हो रहे रेफर
यहा से अधिकतर केस राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में रेफर हो रहे हंै। ज्यादा मरीज रेफर होने के कारण अब राजनांदगांव अस्पताल पर भी दबाव हो जाता है। लोग चाह रहे हैं कि जिला अस्पताल में ही पर्याप्त इलाज की सुविधाएं हो। कोई बहुत ही ज्यादा गंभीर केस आए तो रेफर कर दें।
निश्चेतना रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण कई सर्जरी बंद
जिला अस्पताल के निश्चेतना रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस देवदास 2022 सितंबर में सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके जाने के बाद से अभी तक शासन ने एक भी निश्चेतना रोग विशेषज्ञ नहीं भेजा है। इसके लिए शासन व प्रशासन से भी कोई विशेष पहल नहीं हुई है। नतीजा यहां हर्निया, ट्यूमर सर्जरी सहित अन्य रोगों का इलाज नहीं हो रहा है। जबकि पहले इस तरह के रोगों का भी इलाज किया जाता था।
प्रसव में भी आई है कमी, कई केस रेफर
सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में पहले की तुलना में अब सामान्य प्रसव कम हो रहे हैं। वहीं प्रसव की संख्या में भी कमी आई है। जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले के आंकड़े देखे तो एक माह में 100-120 प्रसव होता थे। अब 50 से 60 प्रसव हो रहे हैं।
मरीज के परिजन भी बोले-जल्द हो भर्ती
जिला अस्पताल में उपकरण बहुत हैं और इलाज की बेहतर सुविधाएं हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। यहां आए मरीजों के परिजनों ने भी मांग की है कि हर हाल में शासन व प्रशासन नियमित निश्चेतना रोग विशेषज्ञ की भर्ती करे।
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी
भले ही स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं में फर्क नहीं पड़ रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल के अधिकांश संविदा स्टाफ नर्स भी हड़ताल पर चले गए हैं।
नियुक्ति के बाद ही राहत मिलेगी
सिविल सर्जन डॉ. आरके श्रीमाली ने कहा कि जिला अस्पताल में नियमित निश्चेतना रोग विशेषज्ञ की भर्ती के लिए स्वास्थ्य संचालनालय को पत्र लिखा है। अब शासन से नियुक्ति के बाद ही राहत मिलेगी।
Published on:
23 Jul 2023 11:27 pm
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