
बालोद जिले के धान संग्रहण केंद्र धोबनपुरी एवं जगतरा में डीएमओ के आडिट व निरीक्षण में सत्र 2024-25 में कुल 9 करोड़ 97 लाख 24 हजार रुपए धान की गड़बड़ी सामने आई है। डीएमओ टिकेंद्र कुमार राठौर ने धोबनपुरी केंद्र के प्रभारी व्यास नारायण ठाकुर एवं जगतरा केंद्र के प्रभारी राणारंतीदेव वर्मा के खिलाफ गुरुर व बालोद थाना में बीएनएस की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कराया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीएमओ ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि वे वर्तमान में जिला बालोद में जिला विपणन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि जगतरा केंद्र के प्रभारी सहायक क्षेत्र अधिकारी राणारंती देव सिंह वर्मा में है। यहां 2024-25 में भंडारित धान एवं उसके उठाव का कार्यालय में उपलब्ध ऑनलाइन रिकार्ड के आधार पर जांच करने पर पर मोटा धान 34,657.469 मीट्रिक टन, पतला धान 37,620.754 मीट्रिक टन, सरना धान 19,315,714 मीट्रिक टन सहित कुल 91,593.937 मीट्रिक टन (नौ लाख पंद्रह हजार नौ सौ उन्चालिस क्विंटल सैंतीस किलो) रखा गया था। इसमें से क्रेता एवं राइस मिलरों को मोटा धान 33,749.942 मीट्रिक टन, पतला धान 36,493.385 मीट्रिक टन एवं सरना धान 18,929.535 मीट्रिक टन कुल 89,172.862 मीट्रिक टन प्रदाय किया गया है। शेष धान संग्रहण केंद्र में मोटा धान 907.527 मीट्रिक टन, पतला धान 1,127.369 मीट्रिक टन एवं सरना धान 386.179 मीट्रिक टन समेत कुल 2,421.075 मीट्रिक टन (चौबीस हजार दो सौ दस क्विंटल, पचहत्तर किलो) धान पाया जाना था। जांच के दौरान मोटा धान 907.527 मीट्रिक टन, पतला धान 1,127.369 मीट्रिक टन, सरना धान 386.179 मीट्रिक टन के हिसाब से कुल 5 करोड़ 59 लाख 10 हजार 198 रुपए कमी पाई गई है, जिससे शासन को क्षति पहुंची।
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उन्होंने बताा कि धोबनपुरी केंद्र के प्रभारी सहायक क्षेत्र अधिकारी व्सास नारायण ठाकुर हैं। यहां वर्ष 2024-25 में भंडारित धान एवं उसके उठाव का कार्यालय के उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड के आधार पर मोटा धान 18,644.664 मीट्रिक टन, पतला धान 11,468.677 मीट्रिक टन, सरना धान 37,541.256 मीट्रिक टन समेत कुल 67,654.597 मीट्रिक टन पाया जाना था। क्रेता/राइस मिलरों को मोटा धान 18,067.157 मीट्रिक टन, पतला धान 11,061.659 मीट्रिक टन, सरना धान 36,624.336 मीट्रिक टन समेत कुल 65,753.152 मीट्रिक टन प्रदाय किया गया। केंद्र में शेष धान मात्रा मोटा धान 577.507 मीट्रिक टन, पतला धान 407.018 मीट्रिक टन, सरना धान 916.920 मीट्रिक टन समेत कुल 19,01,445 क्विंटल धान होना था। जांच में कुल 19,01,445 क्विंटल धान कम पाया गया। इस तरह केंद्र में कुल 4 करोड़ 38 लाख 14 हजार 638.60 रुपए का धान कम पाया गया है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई है।
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दोनों केंद्रों को मिलाकर 9 करोड़ 97 लाख 24 हजार रुपए की गड़बड़ी हुई है। इतना बड़ा अंतर कैसे आ गया और इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई। धोबनपुरी के धान संग्रहण केंद्र प्रभारी व्यास नारायण ठाकुर व जगतरा धान संग्रहण केंद्र प्रभारी राणारंती देव सिंह वर्मा से मोबाइल फोन से उनका पक्ष जानने प्रयास किया, लेकिन दोनों का मोबाइल फोन बंद बताया।
थाना प्रभारी बालोद शिशुपाल सिंह ने कहा कि डीएमओ टिकेंद्र राठौर ने मामला दर्ज कराया है। इसकी जांच की जा रही है। बीएनएस की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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Updated on:
14 Dec 2025 11:55 pm
Published on:
14 Dec 2025 11:53 pm
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