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पीएम आवास का पैसा दिलाने अधिकारियों के नाक के नीचे यहां चल रहा कमीशन का बड़ा खेल

जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता और ग्राम पंचायत सरपंच से बात की।
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बालोद

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Dakshi Sahu

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Updated: 23 Dec 2017, 2:11 PM IST

Balod

बालोद. जिले में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर करोड़ों का प्रोजेक्ट चल रहा है। पर इस योजना को हितग्राहियों तक पहुंचाने, उन्हें लाभ दिलाने की जिम्मेदारी जिन पर है वही लोग ही हितग्राहियों को धोखा दे रहे हैं। पात्र हितग्राही जिस उम्मीद से आवेदन दिए उससे ही राशि निकलवाने के नाम पर कमीशन मांगा जा रहा है, तो कोई ऐसे भी मामले हैं जिसमें पूरी राशि निकालकर आवास ही नहीं बनाया।

स्थिति ऐसी है कि बेचारे हितग्राही शासकीय दफ्तरों का चक्कर काटने मजबूर हैं। लगातार मिल रही शिकायतें व पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन जागा और मामलों की जांच में अधिकारी गांव पहुंचे। एक मामला ग्राम कलंगपुर का है। यहां प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर अपर कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय जांच समिति के अधिकारियों ने गांव जाकर जांच शुरू की।

ग्रामीणों से बयान में कुछ संदेहास्पद जानकारी भी मिली। जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता और ग्राम पंचायत सरपंच से बात की। जांच अधिकारियों ने सिर्फ बयान ही लिया और आगे भौतिक स्थिति की जांच करने की बात कही है
ग्रामीण ज्ञानेश्वर साहू सहित और भी ग्रामीणों ने जनदर्शन में शिकायत की थी कि सरपंच द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान निर्माण के लिए गांव के दो हितग्राहियों से 20-20 हजार रुपए लिए गए हैं।

जांच में इस ममले पर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है, पर यह बात सामने आई कि ग्रामीण ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए सरपंच को 10 हजार रुपए जरूर दिए थे, पर सरपंच ने राशि वापस कर दिया था। इधर अन्य हितग्राहियों के आवस निर्माण की जानकारी लेकर हितग्राहियों से बयान भी लिया गया। जांच के दौरान गांव में ग्रामीणों की अच्छी भीड़ रही।

अब की जाएगी मस्टरोल, प्रधानमंत्री आवास की जांच
जांच अधिकारी ओपी साहू की मानें तो अभी सिर्फ ग्रामीणों का बयान लिया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप की सरपंच द्वारा फर्जी मस्टरोल जिसमें 150 लोगों की फर्जी हाजिरी भरी गई है। मामले में मनरेगा अधिकारी के पहली बयान में कोई गड़बड़ी नहीं पाई, पर इन मामलों की कढ़ाई से जांच करने की भी बात कही है। इधर बता दें कि जनदर्शन में ग्रामीणों ने कलंगपुर के सरपंच के खिलाफ पंचायत सरपंच गोविन्द राम सिन्हा पर प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था।

मामले में ग्राम पंचायत कलंगपुर के सरपंच गोविन्द राम सिन्हा ने कहा मेरे द्वारा कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। जांच में जो भी पाएंगे वह मंजूर है। जिला जांच अधिकारी ओपी वर्मा ने बताया ग्राम कलंगपुर में गांव के ही टिकेश्वर कुमार जिनकी शादी 4 से 7 मई तक थी, पर मनरेगा के मस्टरोल में जिस दिन 7 मई को टिकेश्वर की बारात थी उस दिन उसकी हजारी भी मस्टरोल में थी, यानि दूल्हा अपने बारात के दिन भी मनरेगा में काम किया था पर इस मामले पर ग्राम पंचायत के मेट ने कहा वह गलती की है।

गलती से टिकेश्वर की मां की जगह उनका नाम लिख गया और उनकी हाजरी लग गई। पेरिस मामले पर मनरेगा अधिकारी ओपी साहू भी आश्चर्य में पड़ गए और मामले को गंभीरता से लिया। इधर कुछ लोगों का कहना है जब टिकेश्वर के घर में शादी है तो शादी छोड़कर वो भी बारात के दिन कैसे उसकी मां मनरेगा में काम करने जा सकती है। इस मामले पर अब मनरेगा अधिकारी बारीकी से जांच पर जुटे हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

अपर कलेक्टर ने शुरू की कार्रवाई
जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम कोड़ेवा के दिव्यांग पति-पत्नी को न्याय दिलाने अपर कलक्टर ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी बालोद को पत्र लिखकर मामले की जांच कर दोषी पर 420 का मामला दर्ज करने कहा है। बता दें कि ग्राम कोड़ेवा के दिव्यांग सुनीता बाई जो दोनों पैर से दिव्यांग हैं और पति फूल सिंह की दोनो आंखें नहीं हैं। पर इनके साथ प्रधानमंत्री आवास बनाने के नाम पर ठेकेदार ने ठगी कर गुमराह कर दिया। इसकी शिकायत दिव्यांगों ने जनदर्शन में अपर कलक्टर एके धृतलहरे से की थी।

यह है पूरा मामला
गुंडरदेही ब्लॉक के कोड़ेवा का है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मिली राशि को रखने के बावजूद ठेकेदार ने दिव्यांग गरीब के लिए आवास नहीं बनाया। जनदर्शन में नेत्रहीन पति ने अपनी पत्नी को गोद में उठाकर जनदर्शन लेकर आए थे। नेत्रहीन फूलसिंह ने पैर से दिव्यांग पत्नी सुनीता बाई को लेकर कलक्टोरेट पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा बताई थी।

दिव्यांग सुनीता बाई ने पत्रिका को बताया वह भीख मांग कर परिवार पालती हैं। बता दें कि मामले की जांच के निर्देश अपर कलक्टर ने एसडीएम गुंडरदेही को दिए थे। गुंडरदेही एसडीएम पीएल यादव से जब इस मामले के बारे में जानकारी चाही तो बताया जांच के लिए अपर कलक्टर एके घृतलहरे ने एपी को चि_ी लिखी है, जिसमें कहा गया है यह मामला गंभीर है। इसकी जांच की जाए और जांच में दोषी पाए जाने पर दोषी के खिलाफ 420 का मामला दर्ज करें।