
Government's rationalization policy शासन अब युक्तियुक्तकरण के तहत जिले के ऐसे स्कूल जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम है, को बंद कर पास के स्कूल में मर्ज करने की तैयारी कर रहा है। जिले में भी इसकी तैयारी चल रही है। दो माह पूर्व की जानकारी के मुताबिक जिले में लगभग 15 शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल में दर्ज संख्या 10 या फिर इससे कम है।
युक्तियुक्तकरण के लिए समिति का गठन भी किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर, मुख्यकार्यपालन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महिला बाल विकास अधिकारी व महिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी रहेंगे। विकासखंड स्तर पर एसडीएम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी परियोजना अधिकारी रहेंगे।
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कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने जिले में कार्यवाही भी शुरू हो गई है। इसके लिए बैठकों का दौर जारी है। अब विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने विकासखंड में कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों की वास्तविक रिपोर्ट तैयार करेंगे, जो शहरी व ग्रामीण क्षेत्र का अलग होगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसकी जांच होगी, फिर जिला स्तर की समिति आगे कार्यवाही करेगी।
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आदेश में कहा गया है कि एक ही परिसर में संचालित दो या दो से अधिक प्राथमिक विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। एक ही परिसर में सचालित दो या दो से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक एवं हाईस्कूल विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं हाईस्कूल, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाए।
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बालोद डीईओ पीसी मरकले ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के मामले में शासन के आदेशानुसार आगे की कार्यवाही की जा रही है।
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Updated on:
13 Aug 2024 11:36 pm
Published on:
13 Aug 2024 11:36 pm
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