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court news : धान बोआई को लेकर हुआ झगड़ा, छह लोगों ने लाठी व फावड़ा से कर दी हत्या

हत्या के एक मामले में अदालत ने छह लोगोंं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

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सभी आरोपियों को आजीवन कारावास

कोर्ट का फैसला

balod patrika. बालोद. हत्या के एक मामले में अदालत ने छह लोगोंं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद सरोज नंद दास ने अशोक कुमार पिता कामता साहू (37), हरिशचंद्र पिता स्व. पंचम साहू (53), नेमीचंद साहू उर्फ नवीन साहू पिता हरीशचंद्र साहू (25), हेमंत कुमार साहू पिता स्व. गुहाराम साहू (41), कामता साहू पिता स्व. पंचम साहू (61), पूनमचंद सार्वा पिता हरिश्चंद्र सार्वा (26) सभी निवासी चिरईगोड़ी को धारा 302 के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

खेत में ट्रैक्टर के पास कीचड़ से सना मिला था शव
प्रकरण की पैरवी चित्रांगद देशमुख अतिरिक्त लोक अभियोजक ने की। 25 जनवरी 2021 को ग्राम चिरईगोड़ी में मृतक ओंकार साहू पिता स्व. शांत कुमार साहू (45) साकिन करहीभदर थाना बालोद का मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया। ओंकार साहू का शव घटनास्थल खेत में रखे एक लाल रंग के ट्रेक्टर के बड़े चक्का एवं ट्रेक्टर के पीछे लगे दतारी के मध्य पेट के बल कीचड़ से सना मिला, उसे बाहर निकालकर देखा ओंकार साहू के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों को डंडा, रॉड आदि से मारकर हत्या करना पाया गया।

शव को छिपाने ट्रैक्टर के बड़े चक्के और दतारी के बीच डाल दिया
विवेचना दौरान आरोपी अशोक कुमार साहू, हरिश्चंद्र साहू, नेमीचंद साहू, हेमंत कुमार साहू को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। जांच में पाया कि आरोपी अशोक कुमार साहू, हरिश्चंद्र साहू नेमीचंद साहू, हेमंत कुमार साहू, कामता साहू एवं पूनम साहू ने मिलकर ओंकार साहू के साथ खेत में धान बोआई की बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा किया और लाठी डंडा, पाना एवं फावड़ा से मारकर उसकी हत्या कर दी। बाद में हत्या को छिपाने शव को खेत में रखे ट्रैक्टर के बड़े चक्का एवं पीछे लगे दतारी के बीच में डाल दिया।

साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा
आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 201, 147 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के बाद निरीक्षक जीएस ठाकुर ने अभियोग पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बालोद के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से मामला 24 मई 2021 को सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में भेजा गया। विचारण के दौरान आए साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा सुनाई गई।