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पांच घंटे पहले पहुंचने लगे शिव भक्त, रिकार्ड छह लाख से अधिक लोग कथा सुनने आए

ग्राम जुंगेरा में आयोजित श्री मणिलिंग महापुराण कथा के रविवार को तीसरे दिन कथा सुनने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव के प्रति इतने प्रेम के लिए धन्यवाद दिया। लगभग 6 लाख शिव भक्त कथा स्थल पहुंचे। बालोद जिले के इतिहास में यह रिकॉर्ड भीड़ है।

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श्री मणिलिंग शिव महापुराण कथा: सात पंडाल भर गए, पेड़ की छांव, छाता लेकर पहुंचे और दरी बिछा कर सुनी कथा

शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे शिवभक्त

बालोद. ग्राम जुंगेरा में आयोजित श्री मणिलिंग महापुराण कथा के रविवार को तीसरे दिन कथा सुनने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव के प्रति इतने प्रेम के लिए धन्यवाद दिया। लगभग 6 लाख शिव भक्त कथा स्थल पहुंचे। बालोद जिले के इतिहास में यह रिकॉर्ड भीड़ है। कथा शुरू होने के 5 घंटे पहले से पहुंच गए थे। कथा पंडाल के अंदर जितनी भीड़ थी, उससे ज्यादा पंडाल के बाहर भक्त थे।

कथा जीवन के इतिहास में पहली बार इतने भक्त
पं. प्रदीप मिश्रा ने लाखों की भीड़ को देखकर कहा कि यहां तीन पंडाल बनाए गए है। इसके बाहर चार और पंडाल हैं, वह भी भर गए, उसके बाद भी लाखों भक्त कथा सुनने आए है। यही शिव भक्ति है। अभी तक जितनी जगह कथा सुनाने गया, इतनी संख्या में शिव भक्त नहीं देखा।

सिर्फ कथा सुनने पहुंच रहे भक्त
देवाधिदेव महादेव के प्रति लोगों की आस्था एवं श्रद्धा भाव ऐसा है कि लाखों भक्त कथा स्थल पर पहुंच जाते हैं और दरी बिछाकर अपनी जगह आरक्षित कर लेते हैं। भिलाई के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों से भी भक्त लगातार पहुंच रहे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ पंडित प्रदीप मिश्रा से अग्रिम पंक्ति में बैठकर महादेव की कथा सुनना है। हजारों की संख्या में सेवादारों ने मोर्चा संभाल रखा हैं। दिन-रात सेवादार भक्तों की सुविधा के लिए नि:स्वार्थ भाव से तत्पर रहते हैं, जो बैठक एवं पार्किंग वयवस्था, पानी के पैकेट वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं की देखरेख में रहते हैं।

महादेव के भक्तों को संभालना कठिन
पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के कार्यक्रम की भीड़ को संभाल सकते हो, लेकिन महादेव के भक्तों को संभालना कठिन है। बालोद में श्री मणिलिंग महापुराण कथा चल रही है। आप लोग भाग्यशाली, जो सावन माह समापन की ओर है, कथा का श्रवण कर रहे हो। उन्होंने कहा कि मरने के बाद कितने लोगों को भोजन करवाया ये मायने नहीं रखता, जिंदा रहते कितने लोगों को खाना खिलाया, ये मायने रखता है। अभी रक्षाबंधन का त्योहार है। अधर्मी लोग कहेंगे मावा नकली है। भारत में बनी मिठाइयां नकली है और बाजार का चॉकलेट ले जाओ। सनातन धर्म को नष्ट करने का कार्य अधर्मी कर रहे हैं। हमें अपना धर्म बचाना है। लोगों की सेवा करनी है।

भोजन का भगवान को भोग लगा दो, भंडारे के भोजन में मिला दो, प्रसाद बन जाएगा
उन्होंने कहा कि भंडारे का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए। भंडारे के भोजन का भगवान को भोग लगा दो। उसी भोग लगे भंडारे में बने भोजन में मिला दें भोजन प्रसाद बन जाएगा। भंडारे का प्रसाद सभी लोगों को लेना चाहिए।

पशु पतिनाथ व्रत व शिवलिंग में जल चढ़ाने से दूर हो गई बीमारी
गुंडरदेही ब्लॉक के हीरू खपरी निवासी निशा साहू का पत्र पढ़कर पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि निशा के तीन साल के बच्चे के पेशाब की नली के पास बीमारी थी। डॉक्टर ने आपरेशन करने कहा। किसी ने कहा कि शिव महापुराण की कथा सुन व शिवलिंग पर जल चढ़ाओ, सब समस्या ठीक हो जाएगा। लगतार बच्चे के साथ जल चढ़ाया व पशु पतिनाथ का व्रत रखा। हिम्मत नहीं हारी अब बच्चा ठीक है व डॉक्टर ने भी कहा कि ऑपरेशन की जरूरत नहीं है।

तीन साल की बेटी को कोबरा ने डसा, 28 दिन बाद स्वस्थ्य हो गई
उन्होंने बताया कि एक महिला ने पत्र लिखा, जिसमें उसकी 3 वर्ष की बेटी के शरीर के पांच हिस्से को कोबरा सर्प न डस लिया। उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने जवाब दे दिया। अस्पताल में 20 दिन भर्ती रहे। तब मैं पास ही स्थित शिव मंदिर पहुंची। बाबा से कहा मेरी बेटी का जीवन बचा लो। लगातार जल चढ़ाकर बेटी को पिलाया। 28 दिन के बाद जहां-जहां सांप ने डसा, वहां से पस निकलने लगा। डॉक्टर हैरान हो गए और बेटी आज स्वस्थ है।

जहां देखो वहां सिर्फ शिव भक्त, सड़कें भी जाम
कथावाचक पंडित मिश्रा ने श्रावण के अंतिम सोमवार की बधाई देते हुए सभी भक्तों पर शिव की कृपा बने रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए बालोद के प्रांगण में शिव जी कृपा से श्रवण करने का सौभाग्य मिला है। बालोद नगर में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां शिव भक्तों की भीड़ नहीं है। शहर की स्थिति मुझे पता नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने शहर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। जंगल होते हुए कथा स्थल जाते हैं। जंगल के अंदर पेड़ की छांव हो या नहर के किनारे, तलाब और रोड हो, शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। 7 से 8 पंडाल के बाहर चारो ओर केवल शिव भक्त ही नजर आ रहे हैं। हमारे जीवन में शिव भक्ति का साधन है। यह आयोजन कोई साधारण नही है। बालोद में होली दिवाली का त्योहार हो गया है, ऐसा लग रहा है।

दुकानों के सामने बिछा दी दरी
बालोद में खुशियां आ गई हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, टीआई सहित प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रशासन मुस्तैद होकर व्यवस्था को संभाल रहा है। पुलिस कर्मचारी अपनी जिम्मेदार बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने नगर के व्यपारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यपारियों ने श्रद्धालुओं के लिए अपनी दुकान के सामने दरी बिछा कर रखी थी।

कथाकार पंडित प्रदीप मिश्रा IMAGE CREDIT: balod patrika